8वें वेतन आयोग में पेंशन संशोधन की मांग तेज

In Government Policy
September 08, 2026
8वें वेतन आयोग में पेंशन संशोधन की मांग तेज - RajneetiGuru.com

8वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत पेंशन और फैमिली पेंशन के संशोधन को लेकर रिटायर्ड कर्मचारियों की ओर से सरकार से स्पष्टता और तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। रिटायर्ड एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन (REWA) ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आयोग के Terms of Reference (ToR) में जरूरी संशोधन करने का आग्रह किया है।

एसोसिएशन के मुताबिक, मौजूदा ToR के प्वाइंट 2(e) में पेंशन की समीक्षा का उल्लेख है, लेकिन इसमें 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनभोगियों और फैमिली पेंशन पाने वालों को स्पष्ट रूप से शामिल नहीं किया गया है। संगठन का दावा है कि इस स्थिति ने करीब 69 लाख पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के बीच चिंता और असमंजस पैदा किया है।

REWA ने कहा है कि पिछले वेतन आयोगों की तुलना में इस बार के ToR में पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन संशोधन को लेकर स्पष्ट प्रावधान नहीं दिखाई देता। संगठन का मानना है कि इस अस्पष्टता को दूर करने के लिए सरकार को औपचारिक रूप से ToR में संशोधन करना चाहिए।

एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र में 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनभोगियों को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए। इसके साथ ही प्रभावित वरिष्ठ नागरिकों को आश्वस्त करने के लिए सरकार की ओर से तत्काल आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करने का भी आग्रह किया गया है।

पेंशन संशोधन का मुद्दा लंबे समय से केंद्रीय कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण रहा है। वेतन आयोग के गठन के साथ वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े संभावित बदलावों को लेकर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की निगाहें सरकार के फैसलों पर रहती हैं।

फिलहाल REWA की मांग 8वें वेतन आयोग के ToR में स्पष्टता लाने पर केंद्रित है। संगठन चाहता है कि पूर्व-2026 पेंशनभोगियों और फैमिली पेंशनरों की स्थिति को स्पष्ट रूप से कार्यक्षेत्र में शामिल किया जाए, ताकि लाखों प्रभावित लोगों के बीच बनी आशंका दूर हो सके।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

/ Published posts: 640

अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

Instagram