
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात में एक्वाकल्चर, तंबाकू किसानों और बागवानी विकास पर रखीं प्रमुख मांगें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य के कृषि और मत्स्य क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के दौरान रायलसीमा एकीकृत बागवानी विकास योजना (Rayalaseema Integrated Horticulture Development Plan) के लिए पूर्ण केंद्रीय सहयोग की मांग की। इसके अलावा उन्होंने एक्वाकल्चर, झींगा निर्यात और तंबाकू किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी केंद्र के हस्तक्षेप का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों की आय बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करने में मदद मिलेगी।
झींगा पालन उद्योग को राहत देने की मांग
मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि श्रिम्प फीड (Shrimp Feed) के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे एक्वा किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है और समुद्री खाद्य उत्पादों के निर्यात पर भी असर पड़ रहा है।
उन्होंने केंद्र सरकार से ऐसी नीतियां बनाने का आग्रह किया, जिससे कच्चे माल की लागत कम हो सके और झींगा पालन उद्योग को प्रतिस्पर्धी बनाए रखा जा सके।
किसान उत्पादक संगठनों को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (FPO) को मजबूत करने, एक्वाकल्चर उत्पादों के लिए घरेलू बाजार का विस्तार करने और नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड (NFDB) की वित्तीय सहायता से आंध्र प्रदेश प्रॉन प्रोड्यूसर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी के गठन की भी मांग की।
उनका कहना था कि इससे मत्स्य पालन क्षेत्र में बेहतर समन्वय और किसानों को अधिक आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
अमेरिकी बाजार में भारतीय सीफूड को मिले राहत
चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार से अमेरिका में भारतीय सीफूड निर्यात पर लगने वाले शुल्क (Tariff) को कम कराने के लिए आवश्यक कूटनीतिक और नीतिगत प्रयास करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि शुल्क में कमी आने से भारतीय समुद्री उत्पाद वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और निर्यातकों के साथ-साथ किसानों को भी लाभ मिलेगा।
तंबाकू किसानों के हितों की सुरक्षा की मांग
मुख्यमंत्री ने तंबाकू किसानों की समस्याओं का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बढ़ते कर (Taxes) और खरीद में कमी के कारण तंबाकू उत्पादकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने केंद्र से इस दिशा में तत्काल हस्तक्षेप करने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया।
रायलसीमा के विकास पर रहेगा विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि रायलसीमा एकीकृत बागवानी विकास योजना का उद्देश्य क्षेत्र में बागवानी फसलों का विस्तार, सिंचाई सुविधाओं का विकास, सड़क संपर्क में सुधार, निजी निवेश को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
उन्होंने कहा कि यदि इस योजना को केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिलता है, तो रायलसीमा क्षेत्र के आर्थिक और कृषि विकास को नई गति मिलेगी तथा किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।


