आइजोल/नई दिल्ली – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को मिजोरम के स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य के निवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। प्रतिवर्ष 20 फरवरी को मनाया जाने वाला यह दिन 1987 में मिजोरम के भारतीय संघ का 23वां राज्य बनने की 39वीं वर्षगांठ का प्रतीक है।
अपने संदेश में, प्रधानमंत्री ने मिजो लोगों की “मजबूत सामुदायिक भावना” और उनके सौम्य.
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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।
अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।
उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —
स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,
ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,
जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,
रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।
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नई दिल्ली — वैश्विक व्यापार कूटनीति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण में, भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने बीस साल के लंबे इंतजार को समाप्त करते हुए एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए बातचीत आधिकारिक तौर पर संपन्न कर ली है। मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के दौरान इस समझौते को औपचारिक रूप दिया गया, जिसे यूरोपीय नेतृत्व ने “सभी समझौतों की जननी” (Mother of all.
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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।
अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।
उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —
स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,
ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,
जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,
रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।
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जैसे-जैसे पश्चिम बंगाल 23 और 29 अप्रैल, 2026 को होने वाले अपने दो चरणों के विधानसभा चुनावों की ओर बढ़ रहा है, राज्य में एक बड़ा चुनावी बदलाव देखने को मिल रहा है। विशेष गहन संशोधन (SIR) और उसके बाद न्यायिक निर्णय (Adjudication) के बाद, मतदाता सूची से लगभग 91 लाख नाम हटा दिए गए हैं। इनमें से 27 लाख नाम अकेले अंतिम न्यायिक चरण के दौरान हटाए गए, जिसका सबसे गहरा प्रभाव.
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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।
अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।
उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
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नई दिल्ली – भारत ने आज महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। देश ने उस वीर सपूत को याद किया जिसकी अवज्ञा और साहस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का आधार स्तंभ बना। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह.
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अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।
उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —
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डिजिटल युग में अतीत का एक छोटा सा संदर्भ भी कभी-कभी राष्ट्रीय स्तर पर घबराहट (panic) पैदा कर सकता है। इस सप्ताह, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा “कोविड जैसी तैयारी” के आह्वान ने सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म कर दिया। कुछ ही घंटों में, “एनर्जी लॉकडाउन” (ऊर्जा तालाबंदी) और देशव्यापी आवाजाही पर प्रतिबंधों के भ्रामक दावे वायरल होने लगे, जिससे सरकार को स्थिति स्पष्ट करने के लिए आगे आना पड़ा।
यह घबराहट एक तुलनात्मक संदर्भ को गलत समझने के कारण.
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अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।
उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —
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2026 के विधानसभा चुनाव अभियान को तेज करते हुए, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पर "बंगाल विरोधी" साजिश का आरोप ContributorsRead the Latest Report
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अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।
उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —
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