तमिल को हाईकोर्ट की मुख्य भाषा बनाने का प्रस्ताव पारित

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September 03, 2026
तमिल को हाईकोर्ट की मुख्य भाषा बनाने का प्रस्ताव पारित - RajneetiGuru.com

तमिलनाडु विधानसभा ने बुधवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से मद्रास हाईकोर्ट की कार्यवाही में तमिल को मुख्य भाषा के रूप में इस्तेमाल करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया। प्रस्ताव में तमिल में दाखिल याचिकाओं, दस्तावेजों और दलीलों के लिए उचित प्रक्रियाएं विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।

विधानसभा में प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा कि तमिलनाडु आधिकारिक भाषा अधिनियम, 1956 के तहत तमिल को राज्य की आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने बताया कि कानून की संबंधित धाराओं के तहत हाईकोर्ट के अधीन आने वाली दीवानी और आपराधिक अदालतों, न्यायाधिकरणों तथा राजस्व अदालतों में तमिल में साक्ष्य दर्ज करने को कानूनी मान्यता दी गई है।

मुख्यमंत्री ने संविधान के अनुच्छेद 348(2) का भी उल्लेख किया। इसके तहत राज्यपाल, राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से, हाईकोर्ट की कार्यवाही में राज्य की आधिकारिक भाषा के इस्तेमाल को अधिकृत कर सकते हैं।

प्रस्ताव में कहा गया कि कानूनी तमिल, अनुवाद व्यवस्था, ई-कोर्ट, तकनीक आधारित अनुवाद और कानूनी डेटाबेस के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ऐसे में हाईकोर्ट की कार्यवाही में तमिल के व्यापक इस्तेमाल की संभावनाओं पर नए सिरे से विचार किया जाना चाहिए।

विधानसभा में यह भी कहा गया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीक इतनी विकसित हो चुकी है कि तमिल में बोले गए शब्दों को तत्काल अंग्रेजी में परिवर्तित कर सुना जा सकता है। इससे न्यायिक कार्यवाही में भाषा संबंधी तकनीकी बाधाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

प्रस्ताव में न्यायाधीशों, वकीलों और अदालत के कर्मचारियों के लिए कानूनी तमिल तथा अनुवाद का प्रशिक्षण देने की सिफारिश भी की गई। साथ ही संविधान के अनुच्छेद 348(2) और आधिकारिक भाषा अधिनियम, 1963 की धारा 7 के तहत राज्यपाल की ओर से भेजे जाने वाले प्रस्तावों पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की बात कही गई।

विभिन्न दलों के सदस्यों ने सरकार के प्रस्ताव का समर्थन किया। उनका कहना था कि न्यायिक कार्यवाही में तमिल के इस्तेमाल से आम लोगों के लिए अपने मामलों से जुड़ी दलीलों और प्रक्रियाओं को समझना अधिक आसान होगा।

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  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

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    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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