
जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी आज बॉम्बे हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। उनकी नियुक्ति के साथ वह बॉम्बे हाईकोर्ट के 50वें मुख्य न्यायाधीश बनेंगे।
राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद शनिवार को जस्टिस त्रिपाठी की नियुक्ति को मंजूरी दी थी। बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभालने से पहले वह इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायाधीश के तौर पर कार्यरत थे।
जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी ने लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की। उन्होंने 1992 में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया और मुख्य रूप से दीवानी मामलों की पैरवी की। न्यायिक क्षेत्र में उनका अनुभव तीन दशक से अधिक का है।
उन्हें 2013 में इलाहाबाद हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इसके दो वर्ष बाद 2015 में उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबे न्यायिक अनुभव के बाद अब उन्हें देश के प्रमुख उच्च न्यायालयों में शामिल बॉम्बे हाईकोर्ट की कमान सौंपी गई है।
मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब हाईकोर्ट में बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण संवैधानिक, नागरिक और आपराधिक मामलों की सुनवाई होती है। नई जिम्मेदारी के साथ न्यायिक प्रशासन और मामलों के प्रभावी निपटारे से जुड़े कार्य भी उनके दायरे में आएंगे।
जस्टिस त्रिपाठी की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी से पूरी हुई। इसके बाद महाराष्ट्र में उनके औपचारिक शपथ ग्रहण की प्रक्रिया निर्धारित की गई।
बॉम्बे हाईकोर्ट देश के पुराने और महत्वपूर्ण उच्च न्यायालयों में से एक है। इसके मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस त्रिपाठी का कार्यकाल न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी नियुक्ति से इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबे अनुभव वाले एक न्यायाधीश को बॉम्बे हाईकोर्ट के शीर्ष पद की जिम्मेदारी मिली है।




