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बिहार में बाढ़ का कहर जारी, गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

In Disaster, State
September 07, 2026
बिहार में बाढ़ का कहर जारी, गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर - RajneetiGuru.com

बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं। हालांकि सोन नदी के जलप्रवाह में तेज गिरावट से कुछ राहत मिली है और बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है।

इंद्रपुरी बैराज से सोन नदी में छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में उल्लेखनीय कमी आई है। बुधवार को जहां बैराज से करीब 5.54 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, वहीं रविवार दोपहर तक यह घटकर लगभग 1.96 लाख क्यूसेक रह गया। सोन नदी पटना के पास गंगा में मिलती है। इसके चलते जलप्रवाह कम होने से दीघा और गांधी घाट के आसपास गंगा पर दबाव भी कुछ कम हुआ है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी के धीरे-धीरे उतरने से आने वाले दिनों में स्थिति में और सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि गंगा और अन्य नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण प्रशासन की निगरानी और राहत गतिविधियां अभी जारी हैं।

प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें लोगों की सहायता के लिए तैनात हैं। सरकार की ओर से नावों को भी राहत कार्यों में लगाया गया है, ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके।

जलस्तर में गिरावट को फिलहाल राहत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन नदियों के लगातार खतरे के निशान से ऊपर रहने के कारण प्रभावित जिलों में सतर्कता जरूरी बनी हुई है। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी रहने के साथ बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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