
बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं। हालांकि सोन नदी के जलप्रवाह में तेज गिरावट से कुछ राहत मिली है और बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है।
इंद्रपुरी बैराज से सोन नदी में छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में उल्लेखनीय कमी आई है। बुधवार को जहां बैराज से करीब 5.54 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, वहीं रविवार दोपहर तक यह घटकर लगभग 1.96 लाख क्यूसेक रह गया। सोन नदी पटना के पास गंगा में मिलती है। इसके चलते जलप्रवाह कम होने से दीघा और गांधी घाट के आसपास गंगा पर दबाव भी कुछ कम हुआ है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी के धीरे-धीरे उतरने से आने वाले दिनों में स्थिति में और सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि गंगा और अन्य नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण प्रशासन की निगरानी और राहत गतिविधियां अभी जारी हैं।
प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें लोगों की सहायता के लिए तैनात हैं। सरकार की ओर से नावों को भी राहत कार्यों में लगाया गया है, ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके।
जलस्तर में गिरावट को फिलहाल राहत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन नदियों के लगातार खतरे के निशान से ऊपर रहने के कारण प्रभावित जिलों में सतर्कता जरूरी बनी हुई है। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी रहने के साथ बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।




