
कर्नाटक के बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मदापटना गांव स्थित एक पत्थर खदान में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। खदान में काम कर रहे मजदूरों पर एक विशाल चट्टान गिरने से कम से कम सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यह दुर्घटना तवरेकेरे पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित कावेरी क्रशर यूनिट में हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मजदूर नियमित खनन कार्य में लगे हुए थे, तभी अचानक एक बड़ी चट्टान खिसककर उनके ऊपर आ गिरी। हादसे के कारण मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर मलबे में दब गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी संदेश में उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि बेंगलुरु शहरी जिले में पत्थर खदान में हुई दुर्घटना में लोगों की जान जाने की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दो सटे हुए खदान क्षेत्रों में यह हादसा हुआ है और अब तक सात शव बरामद किए जा चुके हैं। वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण कर चुके हैं तथा प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हादसे के समय किसी प्रकार का ब्लास्टिंग कार्य नहीं हो रहा था।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह भी जांच की जा रही है कि संबंधित खदानें वैध रूप से संचालित हो रही थीं या नहीं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और सभी तथ्यों के सत्यापन के बाद मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की जाएगी।
डी.के. शिवकुमार ने कहा कि खदान संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे वहां कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। यदि जांच में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित खदान संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है।
