
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से बातचीत कर असम में बाढ़ की मौजूदा स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने राज्य के प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए हालात पर लगातार नजर बनाए रखने की बात कही।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि वह इस समय डिब्रूगढ़ में मौजूद हैं और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह मौके पर पहुंचकर हालात का आकलन कर रहे हैं तथा बाढ़ से प्रभावित लोगों के साथ खड़े हैं। सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा असम को विशेष महत्व दिया है और राज्य के लोगों के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता रही है।
सोनोवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री की त्वरित कार्रवाई की प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए केंद्र सरकार की ओर से एक अंतर-मंत्रालयी टीम पहले ही असम पहुंच चुकी है। यह टीम तेजी से बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा कर स्थिति का आकलन कर रही है, ताकि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार असम के लोगों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और राज्य को राहत, बचाव तथा पुनर्वास कार्यों के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय के साथ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक संसाधन पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन राहत सामग्री उपलब्ध कराने, सुरक्षित स्थानों पर लोगों को पहुंचाने तथा आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के प्रयासों में जुटा हुआ है। विभिन्न सरकारी एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन मिलकर प्रभावित परिवारों तक भोजन, पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सुविधाएं पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।
सोनोवाल ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ से प्रभावित किसी भी परिवार को सहायता के अभाव का सामना न करना पड़े। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राहत और पुनर्वास कार्यों में आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे और स्थिति सामान्य होने तक सरकार लगातार प्रभावित लोगों के साथ खड़ी रहेगी।
प्रधानमंत्री द्वारा असम की बाढ़ स्थिति की समीक्षा और केंद्र सरकार की सक्रियता को राज्य में राहत कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।


