
महाराष्ट्र में बारिश में लंबे अंतराल के कारण कई इलाकों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। इसे देखते हुए कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने फसल नुकसान का तत्काल आकलन पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए पहली सहायता अधिसूचना अगले तीन दिनों में जारी की जाएगी। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि संकट की स्थिति में किसानों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और सहायता के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
कृषि मंत्री ने पुणे जिले के दौंड, बारामती और इंदापुर तालुकों का दौरा कर प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने देऊलगांव, मोरगांव, मूर्ति, नावली और कोलविहिरे गांवों में खेतों और पानी की उपलब्धता का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से बातचीत कर लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण खरीफ फसलों पर पड़े असर की जानकारी ली।
भरणे ने कहा कि पुणे जिले के कई तालुकों में बारिश का लंबा अंतराल खरीफ फसलों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभागों की टीमें खेतों में जाकर नुकसान का आकलन कर रही हैं। विभागीय अधिकारियों को जमीनी स्थिति के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि फसल नुकसान का आकलन केवल आंकड़ों के आधार पर नहीं किया जाएगा। इसके लिए खेतों में जाकर वास्तविक स्थिति देखी जाएगी, ताकि किसानों को मिलने वाली सहायता नुकसान के वास्तविक स्तर के अनुरूप तय की जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा और लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है। सरकार की प्राथमिकता किसानों और ग्रामीण आबादी को सूखे जैसे हालात के दौरान आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।




