
सुप्रीम कोर्ट ने ₹2,000 से अधिक के कुछ Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। प्रस्तावित शुल्क अगले महीने की 15 तारीख से प्रभावी होने हैं। इस मामले में अदालत ने केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर MDR लगाए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामला मुख्य रूप से कानूनी से अधिक तकनीकी प्रकृति का है। अदालत ने फिलहाल सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की।
MDR एक ऐसा शुल्क है जो डिजिटल भुगतान लेनदेन की प्रक्रिया से जुड़े पक्षों के बीच निर्धारित व्यवस्था के तहत लिया जाता है। UPI के संदर्भ में प्रस्तावित बदलाव का असर उन निर्दिष्ट Person-to-Merchant लेनदेन पर पड़ना है, जिनकी राशि ₹2,000 से अधिक है।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद प्रस्तावित MDR व्यवस्था को तत्काल रोक नहीं मिली है। हालांकि, मामले पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है और केंद्र सरकार तथा अन्य प्रतिवादियों के जवाब के बाद अदालत इस मुद्दे पर आगे सुनवाई करेगी।
अदालत ने संबंधित पक्षों को चार सप्ताह का समय देते हुए अपने Counter-Affidavits दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद याचिका पर आगे की सुनवाई में सरकार के पक्ष और याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
UPI भारत में डिजिटल भुगतान का एक प्रमुख माध्यम बन चुका है और इसका इस्तेमाल छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक व्यापक स्तर पर किया जाता है। ऐसे में ₹2,000 से अधिक के निर्दिष्ट व्यापारी लेनदेन पर MDR से जुड़ा बदलाव डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न पक्षों के लिए महत्वपूर्ण है।
याचिका में केंद्र के इस निर्णय को चुनौती दी गई है, जबकि सरकार की ओर से लागू की जाने वाली व्यवस्था के तहत निर्धारित श्रेणी के लेनदेन पर शुल्क प्रभावी होने की बात कही गई है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने शुल्क लागू करने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई है।
अदालत की टिप्पणी कि मामला अधिक तकनीकी प्रकृति का है, इस सुनवाई में महत्वपूर्ण रही। अब केंद्र और अन्य संबंधित पक्षों के जवाब दाखिल होने के बाद मामले की अगली दिशा स्पष्ट होगी।
इस बीच, ₹2,000 से अधिक के निर्दिष्ट UPI Merchant Transactions पर MDR लागू करने की प्रस्तावित तारीख अगले महीने की 15 तारीख निर्धारित है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंतरिम राहत से इनकार किए जाने के बाद फिलहाल यह व्यवस्था निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ सकती है, हालांकि मामले पर अंतिम न्यायिक निर्णय अभी बाकी है।




