
देश के पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पर्यटन मंत्रालय और इंडिगो एयरलाइंस ने गुरुवार को ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ पहल को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, प्राकृतिक और वेलनेस पर्यटन स्थलों को दुनिया भर के यात्रियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोशल मीडिया पर इस समझौते की जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत के पास दुनिया को बताने के लिए एक असाधारण पर्यटन कहानी है। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी के माध्यम से सरकार और इंडिगो मिलकर भारत की पर्यटन क्षमता को वैश्विक मंच पर नए स्तर तक पहुंचाने का काम करेंगे।
मंत्री ने बताया कि यह समझौता ‘इनक्रेडिबल इंडिया बाय इंडिगो’ अभियान की शुरुआत का प्रतीक है। इसके तहत इंडिगो के व्यापक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का उपयोग करते हुए भारत के विविध पर्यटन स्थलों को करोड़ों संभावित यात्रियों तक पहुंचाया जाएगा। इससे विदेशी पर्यटकों के बीच भारत की पहचान और आकर्षण दोनों में वृद्धि होने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि भारत केवल ऐतिहासिक स्मारकों का ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक पर्यटन, प्राकृतिक सौंदर्य, योग, आयुर्वेद और वेलनेस पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र है। नई साझेदारी के जरिए इन सभी क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे पर्यटन उद्योग को नई गति मिल सकेगी।
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि इंडिगो का विशाल वैश्विक नेटवर्क इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एयरलाइन के माध्यम से भारत आने वाले यात्रियों को देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक केंद्रों और प्राकृतिक आकर्षणों के बारे में व्यापक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यह सहयोग ब्रांड इंडिया को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विश्व के पसंदीदा पर्यटन स्थलों में शामिल करने के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में यह साझेदारी अहम योगदान देगी।
पर्यटन क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो रोजगार सृजन, स्थानीय व्यवसायों के विकास और विदेशी मुद्रा अर्जित करने में बड़ी भूमिका निभाता है। ऐसे में सरकार लगातार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई पहलों और साझेदारियों पर काम कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन मंत्रालय और इंडिगो के बीच हुआ यह समझौता भारत के पर्यटन उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में सहायक होगा। यदि इस पहल का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाता है, तो आने वाले वर्षों में भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ देश की पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी महत्वपूर्ण मजबूती मिल सकती है।



