
भारत और आसियान देशों की नौसेनाएं फिलीपींस में दूसरे आसियान-भारत समुद्री अभ्यास (AIME) में हिस्सा ले रही हैं। भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश इस बहुपक्षीय अभ्यास में शामिल हैं। इनके साथ आसियान सदस्य देशों के नौसैनिक पोत BRP Jose Rizal, BRP Tarlac और RSS Justice भी अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं।
भारतीय दूतावास के अनुसार, AIME का उद्देश्य समुद्री क्षेत्र में भारत और आसियान सदस्य देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी समझ, सहयोग और परिचालन क्षमता को मजबूत करना है। इस अभ्यास की मेजबानी भारतीय नौसेना और फिलीपीन नौसेना संयुक्त रूप से कर रही हैं। समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग के लिहाज से इस तरह के बहुपक्षीय अभ्यास से भाग लेने वाली नौसेनाओं को एक-दूसरे के साथ काम करने और परिचालन प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिलता है।
मानवीय सहायता से समुद्री जागरूकता तक कई विषयों पर चर्चा
अभ्यास के दौरान नौसेनाओं के बीच विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ स्तर की चर्चाएं और आदान-प्रदान किए जाएंगे। इनमें मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR), समुद्री क्षेत्र की निगरानी एवं जागरूकता, लॉजिस्टिक्स और महिलाएं, शांति एवं सुरक्षा जैसे विषय शामिल हैं।
इन सत्रों का उद्देश्य भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच पेशेवर अनुभव साझा करना और समुद्री अभियानों के दौरान बेहतर समन्वय विकसित करना है। मानवीय सहायता और आपदा राहत से जुड़े अभ्यास विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि समुद्री क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा या अन्य आपात स्थिति के दौरान विभिन्न देशों की सेनाओं को संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाने की आवश्यकता पड़ सकती है।
जाम्बालेस के तट पर होंगे समुद्री अभ्यास
विशेषज्ञ आदान-प्रदान के बाद फिलीपींस के जाम्बालेस प्रांत के तट के पास समुद्री चरण के अभ्यास आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान भाग लेने वाली नौसेनाएं कई व्यावहारिक समुद्री गतिविधियों में हिस्सा लेंगी।
अभ्यास में बोर्डिंग ऑपरेशन, हेलीकॉप्टर क्रॉस-डेक लैंडिंग और मेडिकल इवैक्यूएशन यानी चिकित्सकीय निकासी शामिल होगी। इन गतिविधियों के जरिए नौसैनिक दलों को अलग-अलग जहाजों और परिस्थितियों में संयुक्त अभियान चलाने का अनुभव मिलेगा।
हेलीकॉप्टर क्रॉस-डेक लैंडिंग के दौरान एक जहाज से संचालित हेलीकॉप्टर को दूसरे नौसैनिक पोत के डेक पर उतारने की प्रक्रिया का अभ्यास किया जाता है। इसी तरह मेडिकल इवैक्यूएशन अभ्यास का उद्देश्य समुद्र में घायल या बीमार कर्मियों को सुरक्षित तरीके से चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रक्रिया विकसित करना है।
भारत और आसियान के बीच समुद्री सहयोग
दूसरा AIME भारत और आसियान देशों के बीच समुद्री क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। अभ्यास में भारत के साथ आसियान सदस्य देशों की नौसेनाओं की भागीदारी से समुद्री परिचालन में आपसी तालमेल और पेशेवर संपर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भारतीय नौसेना की ओर से INS Sahyadri और INS Kulish की भागीदारी इस अभ्यास में भारत की मौजूदगी को दर्शाती है। INS Sahyadri एक स्टील्थ फ्रिगेट है, जबकि INS Kulish एक मिसाइल कॉर्वेट है। दोनों पोत भारतीय नौसेना के परिचालन बेड़े का हिस्सा हैं।
फिलीपींस में आयोजित यह समुद्री अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग और बहुपक्षीय नौसैनिक संपर्क को लगातार महत्व दिया जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षण, अनुभव साझा करना और समुद्री परिचालन में सहयोग एवं इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाना है।


