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नासिक टीसीएस (TCS) मामला: अंडरकवर ऑपरेशन में धर्मांतरण और उत्पीड़न का पर्दाफाश

In Topshoot
April 14, 2026
RAjneetiGuru.com - नासिक टीसीएस (TCS) मामला अंडरकवर ऑपरेशन में धर्मांतरण और उत्पीड़न का पर्दाफाश - Image Credited by The Indian Express

फरवरी में एक राजनीतिक टिप-ऑफ (सूचना) के रूप में शुरू हुआ मामला अब एक बड़े कॉर्पोरेट और सांप्रदायिक संकट में बदल गया है। भारत की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक परिचालन में एक महीने तक चले पुलिस के गुप्त ऑपरेशन के बाद, सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक वरिष्ठ परिचालन प्रबंधक (Operations Manager) भी शामिल है। इन पर बलात्कार, यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

यह मामला एक 147-कर्मचारी वाली बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (BPO) यूनिट से जुड़ा है, जिसके केंद्र में 26 मार्च से 3 अप्रैल 2026 के बीच नौ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं। इन घटनाओं पर टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने एक दुर्लभ सार्वजनिक बयान देते हुए इन्हें “अत्यंत चिंताजनक और पीड़ादायक” बताया है।

खुफिया ऑपरेशन: “सफाई कर्मचारी” बनकर पहुँची पुलिस

जांच की शुरुआत फरवरी में हुई जब एक स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ता ने पुलिस को सूचना दी कि TCS के बीपीओ में कार्यरत 20 वर्षीय एक हिंदू महिला अचानक रमजान के उपवास रखने लगी है और इस्लामी जीवनशैली अपना रही है।

  • सीक्रेट मिशन: नासिक पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) तैनात किया। फिल्मी अंदाज में, कई पुरुष और महिला पुलिस कांस्टेबल हाउसकीपिंग स्टाफ (सफाई कर्मचारी) बनकर कंपनी में भर्ती हुए।

  • दो हफ्ते की निगरानी: फर्श पोंछते और मेज साफ करते हुए इन अंडरकवर अधिकारियों ने टीम लीडरों और युवा महिला सहयोगियों के बीच होने वाली बातचीत और दबाव के दस्तावेजी सबूत जुटाए।

उत्पीड़न का पैटर्न: “कॉर्पोरेट जिहाद” के आरोप

एसीपी (अपराध) संदीप मितके के नेतृत्व वाली एसआईटी ने दानिश शेख (34) को पहली बार गिरफ्तार किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने शादीशुदा होने की बात छिपाकर एक महिला कर्मचारी से शादी का वादा किया और उस पर धार्मिक दबाव बनाया।

एफआईआर में दर्ज मुख्य आरोप:

  • यौन उत्पीड़न: अनुचित तरीके से छूना, अश्लील व्यवहार और दोहरे अर्थ वाली टिप्पणियां करना।

  • काम का दबाव: पीड़ितों ने आरोप लगाया कि व्यक्तिगत या धार्मिक मांगों को न मानने पर उनके काम का बोझ बढ़ा दिया जाता था।

  • धार्मिक दबाव: विशेष रूप से नमाज पढ़ने और इस्लामी शिक्षाओं का पालन करने के लिए मजबूर करना।

  • एचआर की लापरवाही: पुणे स्थित ऑपरेशंस मैनेजर अश्विनी चैनानी को इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर मौखिक शिकायतों को दबाया और ‘पॉश’ (POSH) प्रोटोकॉल लागू नहीं किया।

टाटा समूह की प्रतिक्रिया और ‘जीरो टॉलरेंस’

टाटा समूह ने इस मामले पर त्वरित कार्रवाई की है। टीसीएस की मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) आरती सुब्रमण्यम को आंतरिक उच्च स्तरीय जांच का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया गया है।

“नासिक शाखा से सामने आ रही शिकायतें अत्यंत चिंताजनक हैं। इस घटना को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” — एन. चंद्रशेखरन, चेयरमैन, टाटा संस

बचाव पक्ष के दावे

आरोपियों के वकील बाबा सैय्यद का तर्क है कि पुलिस “स्वैच्छिक पसंद को अपराध” बना रही है। उन्होंने कहा कि त्योहारों पर एक-दूसरे की वेशभूषा पहनना धर्मांतरण नहीं है और व्यक्तिगत संबंधों को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। हालांकि, एसआईटी का दावा है कि आरोपियों ने अपनी वरिष्ठता का फायदा उठाकर युवाओं के दिमाग के साथ खिलवाड़ किया है।

छोटे शहरों में प्रबंधन की चुनौती

इंफोसिस के पूर्व एचआर प्रमुख मोहनदास पई के अनुसार, नासिक में जो हुआ वह “मैनेजमेंट की विफलता” है। उन्होंने सुझाव दिया कि छोटे शहरों (टियर-2 शहरों) में तेजी से विस्तार कर रही आईटी कंपनियों को मुंबई या बेंगलुरु जैसे बड़े केंद्रों की तरह मजबूत एचआर निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि इस तरह के “साम्राज्य” (Fiefdoms) विकसित न हों।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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