
सेक्टर 9 स्थित देवीलाल कॉलोनी में एक बेहद दुखद घटना में, रविवार शाम एक 13 वर्षीय लड़की की अपनी मां की साड़ी से गलती से गला घुटने के कारण मौत हो गई। सातवीं कक्षा की यह छात्रा अपने घर में खेल रही थी और उसने साड़ी को खिड़की की ग्रिल से बांधकर झूला बनाया था। घूमते समय साड़ी उसके गले में लिपट गई, जिससे दम घुटने से उसकी जान चली गई।
गुरुग्राम पुलिस ने इसे एक “फ्रीक एक्सीडेंट” (अजीबोगरीब हादसा) करार दिया है। मृतक लड़की अपने माता-पिता और दो छोटी बहनों के साथ किराए के मकान में रहती थी। उसके पिता, सुरेश सिंह, जो पेशे से एक दर्जी हैं और बिहार के सीतामढ़ी के रहने वाले हैं, घटना के समय घर पर ही मौजूद थे।
कैसे हुआ हादसा?
पुलिस के अनुसार, रानी कुमारी नाम की इस बच्ची ने खिड़की की ग्रिल पर साड़ी बांधकर झूला बनाया था। वह उस पर बैठकर गोल-गोल घूम रही थी। घूमते समय अचानक साड़ी फिसलकर उसके गले में फंस गई। जैसे-जैसे वह घूमती रही, कपड़े का फंदा कसता गया। उसकी छोटी बहनें शुरू में समझ नहीं पाईं कि क्या हो रहा है। जब बच्चे अचानक शांत हो गए, तब माता-पिता कमरे में पहुंचे और रानी को बेहोश पाया।
कानूनी कार्रवाई
परिजनों ने उसे तुरंत सेक्टर 10ए के नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुरुग्राम पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) संदीप तुरान ने बताया, “पुलिस ने मौके का मुआयना किया है और जांच में कोई संदिग्ध बात सामने नहीं आई है।” पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत मामला दर्ज किया है। शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को किया जाएगा।
सावधानी ही बचाव है
विशेषज्ञों का कहना है कि घरों में साड़ियों या दुपट्टों से झूला बनाना बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। माता-पिता को सलाह दी जाती है कि वे बच्चों को खिड़की की ग्रिल या पंखों से कपड़े बांधकर खेलने न दें। अक्सर खेलते समय बच्चे अपनी ताकत से फंदा नहीं खोल पाते, जिससे कुछ ही मिनटों में दम घुट जाता है।




