
व्यापार, शिक्षा, ब्लू इकोनॉमी और निवेश सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा
जांजीबार के राष्ट्रपति और रिवोल्यूशनरी काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. हुसैन अली म्विनी ने रविवार को नई दिल्ली में भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-तंजानिया संबंधों की व्यापक समीक्षा की और भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया। जांजीबार, तंजानिया का एक अर्ध-स्वायत्त (Semi-Autonomous) क्षेत्र है, जिसका अपना संविधान, राष्ट्रपति, प्रतिनिधि सभा और ध्वज है।
सदियों पुराने रिश्तों को और मजबूत करने पर जोर
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि बैठक ने भारत और तंजानिया के बीच मजबूत साझेदारी तथा जांजीबार के साथ सदियों पुराने समुद्री, सांस्कृतिक और जन-जन के संबंधों को और मजबूती देने की प्रतिबद्धता को दोहराया। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, विकास साझेदारी, पर्यटन, ब्लू इकोनॉमी, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और बहुपक्षीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को विस्तार देने पर सहमति व्यक्त की।
भारत ने दोहराई सहयोग की प्रतिबद्धता
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत तंजानिया और जांजीबार के साथ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि शिक्षा, क्षमता निर्माण और तकनीकी विकास के क्षेत्रों में भी लगातार मजबूत हो रहा है।
आईआईटी मद्रास जांजीबार परिसर की सराहना
राष्ट्रपति डॉ. हुसैन अली म्विनी ने चेन्नई स्थित आईआईटी मद्रास के दौरे पर प्रसन्नता व्यक्त की और आईआईटी मद्रास जांजीबार परिसर की स्थापना में भारत के सहयोग की सराहना की। उन्होंने जल परियोजनाओं, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की छात्रवृत्तियों और भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भारत द्वारा दिए जा रहे सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी की मुलाकात
इससे पहले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी राष्ट्रपति म्विनी से मुलाकात की। राष्ट्रपति म्विनी चार दिवसीय आधिकारिक भारत यात्रा पर हैं, जो उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के निमंत्रण पर हो रही है। उनके साथ उनकी पत्नी और मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।
द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगा नया आयाम
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और तंजानिया ग्लोबल साउथ के महत्वपूर्ण साझेदार हैं और दोनों देशों के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण एवं बहुआयामी संबंध रहे हैं। मंत्रालय का कहना है कि राष्ट्रपति म्विनी की यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने और व्यापार, शिक्षा, तकनीक, विकास सहयोग तथा निवेश के क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


