
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान हुई बैठक में भारत-चीन संबंधों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों ने एक-दूसरे की मुख्य चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत पर सहमति जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि संबंधों को आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता के तीन सिद्धांतों से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
नई दिल्ली में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में भारत की चिंताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखा। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को एक-दूसरे की मूल चिंताओं और हितों को समझते हुए आगे बढ़ना चाहिए। BRICS सम्मेलन के दौरान हुई यह बातचीत भारत-चीन संबंधों में संवाद बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ओमान के पास जहाज पर हमले पर भारत की प्रतिक्रिया
ओमान के तट के पास वाणिज्यिक जहाज MT El Gaia पर हुए हमले को लेकर भी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी। भारत ने क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों, आम नागरिकों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाए जाने को अस्वीकार्य बताया है।
जायसवाल के मुताबिक, पनामा के झंडे वाले इस जहाज पर 14 भारतीय नाविक सवार थे। इनमें से 13 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नाविक अभी लापता है। ओमानी अधिकारियों की मदद से खोज और बचाव अभियान जारी है। भारतीय दूतावास भी स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में है।
मसूद अजहर पर इनाम को लेकर पाकिस्तान पर निशाना
पाकिस्तान द्वारा जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर पर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम घोषित किए जाने के सवाल पर जायसवाल ने पाकिस्तान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के दिखावटी कदम और लोगों को भ्रमित करने की कोशिशें नई नहीं हैं। भारत पहले भी ऐसे उदाहरण देख चुका है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को केवल घोषणाएं करने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि ऐसी घोषणाओं का कोई वास्तविक परिणाम नहीं निकलता।




