
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे, जहां इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने स्वयं हवाई अड्डे पर उनका विशेष स्वागत किया। इस असाधारण स्वागत को दोनों देशों के बीच मजबूत होते रणनीतिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
यह 2018 में भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर तक पहुंचाए जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी की पहली द्विपक्षीय इंडोनेशिया यात्रा है। यह दौरा जनवरी 2025 में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की भारत यात्रा के बाद हो रहा है।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो द्वारा किए गए स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 2018 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का स्वरूप दिया था, जिससे दोनों देशों के लोगों को लाभ मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस यात्रा के दौरान दोनों नेता विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने पर चर्चा करेंगे।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि वह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर प्रम्बानन मंदिर परिसर का संयुक्त दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को और मजबूत बनाएगी। इसके अलावा वह इंडोनेशिया में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी प्रधानमंत्री के स्वागत को विशेष महत्व का बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ चार इंडोनेशियाई मंत्रियों ने भी जकार्ता हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती निकटता को दर्शाता है।
रवाना होने से पहले जारी अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के बीच बहुआयामी सहयोग को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध गहरे सभ्यतागत जुड़ाव, साझा सांस्कृतिक विरासत और मजबूत जन-से-जन संपर्क पर आधारित हैं।
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता व्यापार, निवेश, रक्षा, समुद्री सहयोग, कनेक्टिविटी, संस्कृति और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री भारतीय प्रवासी समुदाय से भी संवाद करेंगे और प्रम्बानन मंदिर परिसर का संयुक्त दौरा कर भारत-इंडोनेशिया की सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करेंगे।



