
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। शुक्रवार सुबह खटीमा सहित कई इलाकों में तेज बारिश और घने बादलों के कारण सामान्य गतिविधियां बाधित रहीं। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार के लिए उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, बिहार, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और उत्तराखंड समेत 17 राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
इस बीच, हरिद्वार में विष्णु घाट रेलवे स्टेशन के पास एक मकान ढहने की सूचना मिलने पर उत्तराखंड पुलिस और फायर सर्विस की टीमों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाया। मलबे में फंसे चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इनमें एक दिव्यांग व्यक्ति भी शामिल था, जिसे स्ट्रेचर की मदद से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
लगातार बारिश के कारण रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के अनुसार, जलस्तर में उतार-चढ़ाव जरूर देखा जा रहा है, लेकिन दोनों नदियां फिलहाल चेतावनी और खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अलकनंदा नदी का जलस्तर 623.153 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका चेतावनी स्तर 626 मीटर और खतरे का स्तर 627 मीटर है। वहीं रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 622.230 मीटर है, जो चेतावनी स्तर 625 मीटर और खतरे के स्तर 626 मीटर से नीचे है।
गंगानगर में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 799.200 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 804 मीटर है। वहीं गौरीकुंड में नदी 1,974.820 मीटर पर बह रही है, जो 1,976 मीटर के खतरे के स्तर से नीचे है।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो जाखोली में सबसे अधिक 46 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद ऊखीमठ में 23 मिमी और रुद्रप्रयाग मुख्यालय में 20 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जिले में न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों और चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से नदियों, नालों और जलधाराओं के किनारे जाने से बचने तथा मौसम विभाग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए राहत एवं बचाव दल पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।




