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पीएम मोदी बोले, वैश्विक चुनौतियों के समाधान में अहम है भारत के युवाओं की भूमिका

In National
October 12, 2026
पीएम मोदी बोले, वैश्विक चुनौतियों के समाधान में अहम है भारत के युवाओं की भूमिका - Rajneetiguru.com

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के युवाओं की प्रतिभा और क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा कि वे दुनिया के सामने उभर रही चुनौतियों का समाधान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। चेन्नई में जैगोपाल गरोड़िया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक समुदाय आज नई समस्याओं से निपटने के लिए नवाचार और नए विचारों की तलाश कर रहा है। भारत के युवाओं में इन जरूरतों को पूरा करने की क्षमता मौजूद है।

प्रधानमंत्री ने युवाओं को देश और दुनिया के भविष्य का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि वर्तमान दौर युवा पीढ़ी का है। उनके नए विचार, रचनात्मक सोच और मेहनत भारत के विकास के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी बदलाव लाने में योगदान दे सकते हैं।

नवाचार और नए विचारों पर दिया जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और विभिन्न क्षेत्रों में नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। ऐसे समय में नवीन समाधान तैयार करने की जरूरत बढ़ गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय युवा अपनी प्रतिभा, ज्ञान और मेहनत के बल पर इन चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, परंपरागत सोच से अलग विचार करने और बिना भय के अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री के संदेश में युवाओं की रचनात्मकता और आत्मविश्वास को देश की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत में आज युवाओं के लिए अवसरों की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। इन अवसरों का लाभ उठाकर युवा न केवल अपनी क्षमता का विकास कर सकते हैं, बल्कि देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में भी योगदान दे सकते हैं।

तमिल विरासत और तिरुक्कुरल का उल्लेख

समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय एकता और तमिल संस्कृति की समृद्ध विरासत पर भी जोर दिया। उन्होंने प्राचीन तमिल ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ को जीवन और निरंतर सीखने के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शक बताया।

प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि ज्ञान प्राप्त करने के साथ उसे व्यवहार में उतारना भी जरूरी है। केवल जानकारी हासिल करना पर्याप्त नहीं है; उसका सही उपयोग जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाने में मदद करता है।

तमिल विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने आधुनिक विचारों और सांस्कृतिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। उनके संदेश के अनुसार, अपनी परंपराओं से जुड़ाव बनाए रखते हुए नई तकनीकों, विचारों और नवाचारों को अपनाना युवाओं के लिए उपयोगी हो सकता है।

2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी की ऊर्जा, नई सोच और मेहनत देश को प्रगति के नए चरण तक पहुंचाने में मदद कर सकती है।

उन्होंने आधुनिक नवाचार को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि युवा नेतृत्व एक प्रगतिशील और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दे सकता है। इसके साथ ही भारतीय युवाओं के पास वैश्विक मंच पर अपनी पहचान स्थापित करने की भी संभावनाएं हैं।

चेन्नई में आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान प्रधानमंत्री का संदेश शिक्षा, ज्ञान के व्यावहारिक उपयोग, राष्ट्रीय एकता और युवाओं की भागीदारी पर केंद्रित रहा। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य तय करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनके संबोधन में भारत की युवा शक्ति को देश के भविष्य और वैश्विक चुनौतियों के समाधान से जोड़कर देखा गया।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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