
छत्तीसगढ़ में पिछले दो दिनों से जारी लगातार भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज वर्षा के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। कई स्थानों पर सड़कों के ऊपर पानी बहने से यातायात भी बाधित हो गया है। राज्य सरकार ने हालात पर नजर बनाए रखते हुए प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
भारी बारिश का सबसे अधिक असर बस्तर संभाग के अलावा महासमुंद, गरियाबंद और धमतरी जिलों में देखने को मिला है। इन क्षेत्रों में जलभराव और नदी-नालों के उफान पर होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कई ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क टूटने से स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गरियाबंद जिले के पंतोरा स्थित कन्या आवासीय विद्यालय में बारिश का पानी भर जाने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 50 से अधिक छात्राओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। अधिकारियों ने बताया कि छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई की गई।
वहीं धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक में जलभराव की स्थिति को देखते हुए कुछ स्कूलों में सोमवार को अवकाश घोषित कर दिया गया। स्थानीय प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त राहत उपाय किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिला कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए बालोद और कांकेर जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में तेज बारिश के कारण जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
आकाशवाणी समाचार से बातचीत में मौसम वैज्ञानिक डॉ. गायत्री वाणी ने बताया कि रायपुर, दुर्ग और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और राहत दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी वर्षा की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई है, जिसके चलते लोगों को सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।




