
सरकार के साथ हुई तीसरे दौर की वार्ता के बाद CJP ने अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी है। संगठन ने कहा कि सरकार ने उसकी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद सद्भावना के आधार पर आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया। साथ ही संगठन ने सभी प्रदर्शनकारी छात्रों और समर्थकों से शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौटने की अपील की है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को नई दिल्ली में CJP प्रतिनिधिमंडल के साथ तीसरे दौर की बातचीत की। बैठक में परीक्षा प्रणाली में सुधार, प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं को रोकने के उपाय तथा अन्य संबंधित मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। यदि पहले से किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है तो उसे भी वापस लिया जाएगा और संबंधित लोगों को उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाएगी।
NEET-UG पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने के मुद्दे पर नड्डा ने कहा कि सरकार को ऐसे परिवारों के प्रति पूरी संवेदना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि लागू नियमों और प्रावधानों के अनुसार अधिकतम संभव आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
परीक्षा सुधारों को लेकर CJP द्वारा प्रस्तुत पांच सूत्रीय चार्टर पर सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है। जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार इस चार्टर का गंभीरता से अध्ययन करेगी और CJP के साथ विचार-विमर्श के बाद जो भी व्यावहारिक और संभव कदम होंगे, उन्हें लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन ने सरकार के आश्वासनों पर भरोसा जताते हुए आंदोलन वापस लेने का फैसला किया है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि सरकार तय समयसीमा के भीतर सभी सहमत बिंदुओं को लागू करेगी और परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
वहीं CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सभी प्रदर्शनकारियों से तत्काल आंदोलन समाप्त करने और शांतिपूर्ण ढंग से अपने घर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि संगठन सरकार के साथ हुए समझौते के क्रियान्वयन पर लगातार नजर रखेगा और यदि निर्धारित समय के भीतर वादों को पूरा किया जाता है तो इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा मजबूत होगा।
सरकार और CJP के बीच बनी इस सहमति को परीक्षा सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि सरकार अपने आश्वासनों को कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से लागू करती है।

