
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता जेपी नड्डा ने कहा है कि केंद्र सरकार संसद में NEET पेपर लीक के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए प्रभावी नीति बनाने की दिशा में सभी दलों के साथ मिलकर काम करना चाहती है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर इस राष्ट्रीय मुद्दे पर रचनात्मक चर्चा में भाग ले।
नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि परीक्षा प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं केवल किसी एक सरकार या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के बजाय संसद में गंभीर और व्यापक चर्चा होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि संसद इस विषय पर विचार-विमर्श के लिए सबसे उपयुक्त मंच है। नड्डा ने स्पष्ट किया कि चर्चा कितनी देर चलेगी, इसका निर्णय विपक्ष स्वयं करे। सरकार हर पहलू पर खुलकर चर्चा करने और सभी सुझावों पर विचार करने के लिए तैयार है, ताकि एक ऐसी ठोस नीति बनाई जा सके जो परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाए।
जेपी नड्डा ने विपक्ष से अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि देश के छात्रों और युवाओं के हित सर्वोपरि हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और विपक्ष यदि मिलकर काम करें तो परीक्षा प्रणाली में सुधार लाकर भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस और अन्य विपक्ष शासित राज्यों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर चयनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि वे केवल कुछ मामलों को राजनीतिक मुद्दा बनाते हैं, जबकि विपक्ष शासित राज्यों में हुई घटनाओं पर चुप्पी साध लेते हैं। उनके अनुसार, इस तरह का दृष्टिकोण समस्या के समाधान में मददगार नहीं हो सकता।
नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 150 परीक्षा पेपर लीक मामलों का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है और सरकार सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराएगी। जांच पूरी होने के बाद सच्चाई देश और जनता के सामने रखी जाएगी।
उन्होंने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता केवल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि ऐसी मजबूत व्यवस्था विकसित करना भी है जिससे भविष्य में किसी भी राष्ट्रीय या प्रतियोगी परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल न उठे। नड्डा ने विश्वास जताया कि संसद में सार्थक चर्चा और सभी पक्षों के सहयोग से परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित तथा भरोसेमंद बनाया जा सकेगा।




