
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केरल में आयोजित होने वाले 18वें इंटरनेशनल डॉक्यूमेंट्री एंड शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल ऑफ केरल में किसी भी फिल्म की स्क्रीनिंग की अनुमति से इनकार नहीं किया गया है। मंत्रालय ने कांग्रेस नेता शशि थरूर के उस आरोप पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने केरल की 31 फिल्मों को महोत्सव में प्रदर्शित करने की अनुमति नहीं दिए जाने का दावा किया था।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि छह फिल्मों के निर्माताओं या संबंधित पक्षों से अधिक विस्तृत सिनॉप्सिस उपलब्ध कराने को कहा गया है। मंत्रालय के अनुसार, फिल्मों के विषय और सामग्री के आधार पर कुछ फिल्मों को संबंधित क्षेत्रीय अथॉरिटीज के पास समीक्षा के लिए भेजा गया है।
मंत्रालय ने आरोप पर दी सफाई
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि किसी फिल्म को स्क्रीनिंग की अनुमति देने से इनकार नहीं किया गया है। मंत्रालय की ओर से जारी स्पष्टीकरण में फिल्मों से जुड़ी प्रक्रिया और समीक्षा की स्थिति को स्पष्ट किया गया है।
मंत्रालय के मुताबिक, छह फिल्मों के संबंध में अधिक विस्तृत जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा कुछ फिल्मों के विषय को देखते हुए उन्हें संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों या संस्थाओं की समीक्षा के लिए भेजा गया है।
शशि थरूर ने उठाया था मुद्दा
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने आरोप लगाया था कि केरल से जुड़ी 31 फिल्मों को 18वें इंटरनेशनल डॉक्यूमेंट्री एंड शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित करने की अनुमति नहीं दी गई। उनके आरोप के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से यह स्पष्टीकरण सामने आया है।
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि फिल्मों की स्क्रीनिंग को लेकर प्रक्रिया जारी है और किसी फिल्म के लिए अनुमति से इनकार किए जाने की बात सही नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, छह फिल्मों से अतिरिक्त सिनॉप्सिस मांगा गया है, जबकि कुछ अन्य फिल्मों की संबंधित अधिकारियों के स्तर पर समीक्षा की जा रही है।
इस स्पष्टीकरण के बाद फिल्म महोत्सव में फिल्मों की स्क्रीनिंग को लेकर उठे विवाद पर मंत्रालय ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है।



