
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के लिए प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) के मसौदा विधेयक की समीक्षा के लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस संबंध में राज्य सरकार ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। समिति में मेघालय के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।
राज्य सरकार के अनुसार, इस समिति का गठन 2 जुलाई को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय के तहत किया गया। समिति का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित समान नागरिक संहिता विधेयक के मसौदे का विस्तृत अध्ययन करना और उससे जुड़े कानूनी, सामाजिक तथा प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा करना है।
सरकार ने कहा कि समिति विभिन्न हितधारकों के सुझावों और संवैधानिक प्रावधानों का परीक्षण करने के बाद अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेगी। इन सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति से जुड़े व्यक्तिगत कानूनों के लिए सभी नागरिकों पर समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। इस विषय पर देश के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग स्तर पर विचार-विमर्श जारी है।



