
दक्षिण-पश्चिम मानसून के फिर सक्रिय होने के बाद महाराष्ट्र में खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आई है। कृषि आयुक्त कार्यालय के अनुसार, 7 जुलाई तक राज्य में गन्ने को छोड़कर औसत 1.444 करोड़ हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में से 65.1 लाख हेक्टेयर में बुवाई पूरी हो चुकी है, जो कुल औसत क्षेत्र का 45 प्रतिशत है।
गन्ने की खेती को शामिल करने पर राज्य में कुल 65.8 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई और रोपाई पूरी हो चुकी है, जो कुल निर्धारित क्षेत्र का 42 प्रतिशत है।
क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, अमरावती संभाग में सबसे अधिक 58 प्रतिशत बुवाई दर्ज की गई है। इसके बाद छत्रपति संभाजीनगर और नासिक संभाग में 50-50 प्रतिशत, लातूर में 44 प्रतिशत, नागपुर में 39 प्रतिशत, पुणे में 22 प्रतिशत, कोल्हापुर में 15 प्रतिशत और कोंकण में केवल 4 प्रतिशत बुवाई हुई है।
कृषि अधिकारियों के अनुसार, मानसून में शुरुआती देरी के कारण विशेष रूप से कोंकण क्षेत्र में खेती की गतिविधियां प्रभावित हुई थीं। हालांकि, हाल के दिनों में हुई अच्छी बारिश के बाद बुवाई की रफ्तार तेज हो गई है।
फसलों की बात करें तो तिलहन की बुवाई सबसे अधिक 60 प्रतिशत क्षेत्र में हुई है। इसके बाद कपास की 49 प्रतिशत, दलहन की 37 प्रतिशत और अनाज की 30 प्रतिशत बुवाई पूरी हो चुकी है।
कृषि विभाग ने बताया कि अधिकांश बुवाई वाली फसलें वर्तमान में अंकुरण और प्रारंभिक वृद्धि के चरण में हैं। विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में राज्यभर में बेहतर वर्षा के साथ खरीफ बुवाई की गति और तेज होगी।





