12 views 7 secs 0 comments

पीएम मोदी ने 98 वर्षीय भाजपा कार्यकर्ता के पैर छुए: शपथ समारोह में भावुक पल

In Politics
May 09, 2026
पीएम मोदी ने 98 वर्षीय भाजपा कार्यकर्ता के पैर छुए शपथ समारोह में भावुक पल- RajneetiGuru.com

शनिवार की सुबह कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक नया अध्याय लिखा गया। राज्य में भाजपा की पहली सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर बैठे 98 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता मखनलाल सरकार के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।

यह भावुक पल तब आया जब शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने ही वाले थे। प्रधानमंत्री का एक साधारण जमीनी कार्यकर्ता के सामने इस तरह नतमस्तक होना, राजनीति से परे मानवीय संवेदनाओं और कृतज्ञता का एक अद्भुत प्रतीक बन गया। यह तस्वीर देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और गूगल न्यूज़ (Google News) पर शीर्ष पर ट्रेंड करने लगी।

कौन हैं मखनलाल सरकार? संघर्ष और निष्ठा की एक सदी

मखनलाल सरकार केवल एक वृद्ध कार्यकर्ता नहीं हैं, बल्कि वे उस नींव के पत्थर हैं जिस पर पश्चिम बंगाल में भाजपा की इमारत खड़ी हुई है। उनका जीवन भारतीय राष्ट्रवाद और जनसंघ के शुरुआती संघर्षों का जीवित दस्तावेज है।

1. 1952 का कश्मीर आंदोलन: मखनलाल सरकार उन शुरुआती सत्याग्रहियों में से एक थे जिन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान’ के खिलाफ आह्वान पर कश्मीर की ओर कूच किया था। जब डॉ. मुखर्जी की हिरासत में मृत्यु हुई, तब मखनलाल को भी गिरफ्तार किया गया था। वह संघर्ष उनके जीवन की दिशा तय करने वाला साबित हुआ।

2. संगठन का निर्माण: उस दौर में जब बंगाल में भाजपा का नाम लेने वाले भी कम थे, मखनलाल ने जिला अध्यक्ष के रूप में गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत किया। उन्होंने अपने जीवनकाल में 10,000 से अधिक सदस्यों को पार्टी से जोड़ा और विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी का झंडा थामे रखा।

3. सफलता की जीवित कड़ी: आज ब्रिगेड परेड ग्राउंड में उनकी उपस्थिति एक ‘पूर्ण चक्र’ की तरह थी। जिस विचारधारा के लिए उन्होंने जवानी में जेल काटी, आज उसी विचारधारा की सरकार को बंगाल की सत्ता संभालते देखना उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा था।

वह पल जो इतिहास बन गया

जैसे ही शपथ ग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हुई, प्रधानमंत्री मोदी विशिष्ट अतिथियों की कतार को पार करते हुए सीधे मखनलाल सरकार के पास पहुंचे। प्रधानमंत्री को झुकते देख पूरा मैदान ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंज उठा। 98 वर्षीय मखनलाल ने कांपते हाथों से प्रधानमंत्री के सिर पर आशीर्वाद दिया। यह पल शब्दों से परे था—यह एक संदेश था कि जब जड़ें मजबूत होती हैं, तभी संगठन का वृक्ष विशाल बनता है।

ऐतिहासिक जनादेश: शुभेंदु अधिकारी का राजतिलक

यह शपथ ग्रहण समारोह बंगाल की राजनीति में दशकों पुरानी टीएमसी और वामपंथी विचारधारा के वर्चस्व के अंत का प्रतीक है। शुभेंदु अधिकारी, जिन्होंने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराकर भाजपा की जीत की नींव रखी थी, आज बंगाल के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री के अलावा गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। नई कैबिनेट में अनुभवी नेता दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल जैसे चेहरों को जगह दी गई है, जो राज्य के भौगोलिक और सामाजिक संतुलन को प्रदर्शित करता है। “यह केवल एक पार्टी की जीत नहीं है, बल्कि बंगाल के उस ‘आसल पोरिबोर्तन’ (असली बदलाव) की जीत है जिसका इंतजार यहां की जनता वर्षों से कर रही थी। हमारी सरकार ‘सोनार बांग्ला’ के गौरव को वापस लौटाने के लिए प्रतिबद्ध है,” मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने पहले संबोधन में कहा।

बंगाल के लिए नई शुरुआत के मायने

भाजपा की यह जीत बंगाल के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है:

  • विकास का मॉडल: अब दिल्ली और कोलकाता में एक ही दल की सरकार होने से केंद्रीय योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से होगा।

  • औद्योगिकीकरण: भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में बंगाल को फिर से देश का औद्योगिक केंद्र बनाने का वादा किया है।

  • कानून-व्यवस्था: नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य की कानून-व्यवस्था को सुधारना और राजनीतिक हिंसा को समाप्त करना है।

मखनलाल सरकार के आशीर्वाद और मोदी के विजन के साथ, पश्चिम बंगाल अब एक नई दिशा की ओर कदम बढ़ा रहा है।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

/ Published posts: 554

अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

Instagram