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नासिक में भीषण हादसा: कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत

In Metro
April 04, 2026
RajneetiGuru.com - नासिक में भीषण हादसा कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत - Image Credited by The Indian Express

महाराष्ट्र के नासिक जिले के दिंडोरी तालुका में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें छह बच्चों समेत एक ही परिवार के नौ सदस्यों की मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब पीड़ित परिवार एक समारोह से लौट रहा था और उनकी कार अनियंत्रित होकर शिवाजी नगर इलाके में सड़क किनारे स्थित एक गहरे और पानी से भरे कुएं में जा गिरी।

यह दुखद घटना 3 अप्रैल, 2026 की रात करीब 10:30 बजे हुई। दरगुडे परिवार एक निजी कोचिंग क्लास द्वारा आयोजित छात्र पुनर्मिलन कार्यक्रम (Reunion) में शामिल होने के बाद अपनी मारुति सुजुकी अर्टिगा कार से वापस लौट रहा था। पुलिस का अनुमान है कि घने अंधेरे के कारण चालक को सड़क के बिल्कुल पास स्थित कुआं दिखाई नहीं दिया और उसने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया।

हादसे की भयावह रात

मृतकों की पहचान दिंडोरी के इंदौर गांव के रहने वाले दरगुडे परिवार के रूप में हुई है। मृतकों में सुनील दत्तू दरगुडे (32), उनकी पत्नी रेशमा (27) और आशा अनिल दरगुडे (32) शामिल हैं। इस हादसे का सबसे दुखद पहलू छह मासूम बच्चों की मौत है, जिनकी पहचान खुशी (14), माधुरी (13), श्रेयस (11), राखी (11), श्रावणी (11) और समृद्धि (7) के रूप में हुई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन कुछ ही सेकंड में कुएं के गहरे पानी में समा गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत शोर मचाया, लेकिन कुएं की गहराई और रोशनी की कमी के कारण शुरुआती बचाव कार्य में काफी बाधा आई। बाद में दिंडोरी पुलिस ने गोताखोरों और क्रेन की मदद से एक बड़ा बचाव अभियान शुरू किया। फ्लडलाइट्स की मदद से आधी रात के करीब कार को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक सभी नौ लोगों की मौत हो चुकी थी।

प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा पर सवाल

स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शिवाजी नगर क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके। दिंडोरी पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वाहन सड़क से इतना दूर कैसे चला गया। कुएं के चारों ओर सुरक्षा दीवार (Parapet Wall) का न होना और अंधेरा इस हादसे के मुख्य कारण नजर आ रहे हैं।”

यह दिंडोरी क्षेत्र में एक साल के भीतर दूसरी ऐसी बड़ी घटना है। जुलाई 2025 में भी इसी क्षेत्र के पास एक कार नाले में गिर गई थी, जिसमें सात लोगों की जान चली गई थी।

“ग्रामीण सड़कों पर बुनियादी सुरक्षा ढांचे का अभाव एक मौत का जाल है। दिंडोरी में सड़क किनारे खुले कुएं और नाले आम बात हैं। बार-बार चेतावनी के बावजूद, स्थानीय प्रशासन ने पर्याप्त संकेत चिह्न या सुरक्षा घेरे लगाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है,” नासिक के सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता राजेश पाटिल ने कहा।

खतरनाक ग्रामीण सड़कें

महाराष्ट्र के ग्रामीण जिलों में सड़क सुरक्षा हमेशा से चर्चा का विषय रही है। नासिक-दिंडोरी मार्ग अपने तीखे मोड़ों और बिना रोशनी वाले हिस्सों के लिए जाना जाता है। 2025 के हादसे के बाद, निवासियों ने राज्य सरकार से बेहतर लाइटिंग और क्रैश बैरियर लगाने की मांग की थी।

इसके अलावा, घटना से 24 घंटे पहले इस क्षेत्र में 39 मिमी बेमौसम बारिश हुई थी। कार्यकर्ताओं का मानना है कि इससे सड़क के किनारे की मिट्टी नरम या फिसलन भरी हो गई होगी, जिससे चालक का नियंत्रण बिगड़ गया। इस त्रासदी ने अब महाराष्ट्र के जिला राजमार्गों के किनारे स्थित सभी खुले कुओं के सुरक्षा ऑडिट की मांग को एक बार फिर तेज कर दिया है।

मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए दिंडोरी सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। जैसे ही इंदौर गांव सामूहिक अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है, यह घटना भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा सुधारों की तत्काल आवश्यकता की ओर ध्यान आकर्षित करती है।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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