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स्वयं सहायता समूहों की सराहना, महिलाओं को मिला प्रोत्साहन

In Cultural, Social Issues
June 30, 2026
स्वयं सहायता समूहों की सराहना, महिलाओं को मिला प्रोत्साहन - RajneetiGuru.com

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups) से जुड़ी महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने पश्चिम त्रिपुरा जिले के डुकली ब्लॉक सभागार में स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों से संवाद के दौरान उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण देश के समग्र विकास का मजबूत आधार बन चुका है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देशभर में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं। त्रिपुरा में वर्तमान में 54,000 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 5.40 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। उन्होंने बताया कि देश में करीब 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ हैं, जिनमें से 1.30 लाख महिलाएं त्रिपुरा की हैं। यह उपलब्धि राज्य में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता का प्रमाण है।

अन्नपूर्णा देवी ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से बाल विवाह रोकने के अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता फैलाने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने समूहों से विभिन्न सामाजिक अभियानों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि त्रिपुरा की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का समर्पण, उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता प्रेरणादायक है। उनके अनुसार, महिला नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और राज्य के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। त्रिपुरा ग्रामीण आजीविका मिशन (TRLM) के तहत संचालित ये समूह महिलाओं को रोजगार, आय और उद्यमिता के नए अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि त्रिपुरा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है।

संवाद कार्यक्रम के बाद केंद्रीय मंत्री ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता और नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में सहायक होंगे तथा महिलाओं की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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