
गुजरात की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का प्रतीक 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा गुरुवार को श्रद्धा, उत्साह और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अहमदाबाद से शुरू हुई। यात्रा के शुभारंभ से पहले मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर, जामालपुर में पारंपरिक ‘पहांड विधि’ संपन्न की। इस दौरान उन्होंने स्वर्ण झाड़ू से रथों के मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई कर सेवा, विनम्रता और समर्पण का संदेश दिया।
अशाढ़ी बीज के पावन अवसर पर आयोजित इस धार्मिक आयोजन में सुबह से ही हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में जुटने लगे। पारंपरिक विधि-विधान के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की प्रतिमाओं को रथों पर विराजमान कर वार्षिक शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया।
मुख्यमंत्री ने निभाई सदियों पुरानी ‘पहांड विधि’
रथ यात्रा शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ‘पहांड विधि’ के तहत स्वर्ण झाड़ू से रथों के मार्ग की सफाई की। यह परंपरा भगवान के समक्ष विनम्रता, समानता और जनसेवा का प्रतीक मानी जाती है। इस धार्मिक अनुष्ठान के बाद तीनों भव्य रथ पारंपरिक मार्ग पर आगे बढ़े।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को रथ यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए राज्य में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
अमित शाह ने की मंगला आरती
सुबह केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भी श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने मंगला आरती में भाग लिया और भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार देव विग्रहों को रथों पर विराजमान किया गया।
मंदिर परिसर में धार्मिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया।
400 वर्ष पुराने मंदिर से निकलती है यात्रा
अहमदाबाद की जगन्नाथ रथ यात्रा लगभग 400 वर्ष पुराने श्री जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होती है। यह यात्रा शहर के पारंपरिक 16.2 किलोमीटर लंबे मार्ग से होकर गुजरती है और शाम तक पुनः मंदिर लौट आती है।
पुरी की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के बाद अहमदाबाद की यह यात्रा देश की दूसरी सबसे बड़ी जगन्नाथ रथ यात्रा मानी जाती है, जिसमें हर वर्ष लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
हाथी, अखाड़े और झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष की रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन भव्य रथों के साथ 18 हाथी, कई पारंपरिक अखाड़े, भक्ति संगीत मंडलियां और आकर्षक धार्मिक झांकियां शामिल हैं।
पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया। जगह-जगह धार्मिक और सामाजिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रसाद और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था भी की गई।
सुरक्षा के लिए AI और ड्रोन की निगरानी
रथ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्ग पर 31 हजार से अधिक पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।
पूरे 16.2 किलोमीटर मार्ग की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सर्विलांस सिस्टम, फेशियल रिकग्निशन तकनीक, ड्रोन, हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे और बॉडी-वॉर्न कैमरों के माध्यम से की जा रही है।
पिछले वर्ष हाथियों से जुड़े कुछ घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए इस बार GPS ट्रैकिंग, मूवमेंट सेंसर और विशेष हाथी निगरानी प्रणाली भी लागू की गई है।
नगर निगम ने किए व्यापक इंतजाम
अहमदाबाद नगर निगम (AMC) और अन्य सरकारी एजेंसियों ने यात्रा के दौरान स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सेवाएं, आपातकालीन सहायता, यातायात प्रबंधन और अन्य नागरिक सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की है।
प्रशासन का उद्देश्य लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए रथ यात्रा का शांतिपूर्ण और सुचारु संचालन करना है।




