
पंजाब विधानसभा ने केंद्र सरकार से श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को दोबारा खोलने और सिख श्रद्धालुओं के लिए गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब तक नियमित एवं निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने की मांग की है। विधानसभा के सत्र के अंतिम दिन सोमवार को इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें केंद्र से कॉरिडोर को जल्द खोलने और इसे लगातार चालू रखने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया गया।
प्रस्ताव में कहा गया कि पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब में मत्था टेकने जाने वाली सिख संगत के लिए यात्रा को आसान बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और यात्रा प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी जोर दिया गया।
केंद्र सरकार से कॉरिडोर दोबारा खोलने का आग्रह
पंजाब विधानसभा ने केंद्र सरकार से श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। प्रस्ताव के अनुसार, कॉरिडोर खुलने से सिख श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब तक पहुंचने में सुविधा मिल सकेगी।
विधानसभा ने यह भी आग्रह किया कि कॉरिडोर को केवल दोबारा खोलना ही पर्याप्त नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे नियमित रूप से चालू रखा जाना चाहिए, ताकि संगत को दर्शन करने के लिए बार-बार अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं की यात्रा प्रक्रिया सरल बनाने पर जोर
प्रस्ताव में करतारपुर साहिब की यात्रा से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की मांग भी शामिल है। विधानसभा ने कहा कि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित और बिना किसी बाधा के सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इसका उद्देश्य सिख संगत को पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब में मत्था टेकने के लिए सुगम यात्रा का अवसर उपलब्ध कराना है। प्रस्ताव में यात्रा व्यवस्था को सुविधाजनक बनाने और कॉरिडोर के संचालन को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
सत्र के अंतिम दिन पारित हुआ प्रस्ताव
पंजाब विधानसभा ने सत्र के अंतिम दिन इस मुद्दे पर अपना प्रस्ताव पारित किया। इसके माध्यम से राज्य विधानसभा ने केंद्र सरकार से कॉरिडोर को फिर से खोलने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
फिलहाल, प्रस्ताव में उठाई गई मांगों पर केंद्र सरकार की ओर से किसी निर्णय या कॉरिडोर दोबारा खोलने की तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है। श्रद्धालुओं की नियमित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।




