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एनडीए के सीएम फैसले में देरी, नीतीश बने सबसे आगे
जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव अपने अंतिम चरणों की ओर बढ़ रहे हैं, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर मुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा में देरी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि राजनीतिक अटकलें जारी हैं, लेकिन जनता दल (यूनाइटेड) का मानना है कि नीतीश कुमार ही अब भी गठबंधन के सबसे स्वाभाविक और मजबूत […]
इमामगंज में मांझी प्रतिष्ठा का सामना
गया जिले की इमामगंज विधानसभा सीट इस बार सिर्फ एक निर्वाचन क्षेत्र नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई का केंद्र बन गई है। पार्टी-सत्ता, सामाजिक मुद्दे और शराब निषेध विवादों के बीच इस सीट पर जीतन राम मांझी की प्रतिष्ठा दांव पर नजर आ रही है। मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) (HAM (S)) […]
मुसलमान-यादव पारंपरिक आधार से आगे आरजेडी
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने पारंपरिक मुसलमान-यादव (एमवाई) वोट बैंक से आगे राजनीतिक विस्तार करने की है। हालांकि पार्टी अब भी इन दो समुदायों के बीच मजबूत पकड़ रखती है, लेकिन कोइरी-कुशवाहा, तेली, निशाद और अन्य अत्यंत पिछड़े वर्गों (ईबीसी) में समर्थन हासिल करना कठिन […]
SIR विवाद के बीच उदयनिधि ने केंद्र, राज्यपाल पर साधा निशाना
तमिलनाडु में राजनीतिक पारा रविवार को उस समय तेज़ी से चढ़ गया जब उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभ्यास से जुड़े विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। श्री स्टालिन ने केंद्र सरकार पर SIR—एक बड़े पैमाने की मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया—को आगामी […]
पहले चरण के बाद भाजपा ने नीतीश को मुख्यमंत्री चेहरा बनाया
नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) ने अपनी नेतृत्व की अटकलों को एक महत्वपूर्ण और सावधानीपूर्वक समयबद्ध राजनीतिक कदम के साथ विराम दे दिया है। रक्षा मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने औपचारिक रूप से गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में नीतीश कुमार का समर्थन किया है। यह बहुप्रतीक्षित घोषणा 6 नवंबर […]
बिहार चुनाव: पीएम मोदी, शाह, राहुल और प्रियंका गांधी ने अंतिम चरण में झोंकी ताकत
निषेध नीति ने नीतीश के अभियान पर साया
बिहार विधानसभा चुनाव‑2025 के मद्देनज़र नीतीश कुमार की सरकार की शराब निषेध नीति फिर से चर्चा में है। सामाजिक रूप से यह नीति महिलाओं के बीच व्यापक समर्थन पा चुकी है, लेकिन पुरुषों और विभिन्न जातीय‑वर्गों में इससे नाराजगी बढ़ी है। इस पूर्वापेक्षा में कि निषेध से घरेलू हिंसा घटेगी और घरेलू बजट बेहतर होगा, […]



