
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने स्कूल शिक्षा में सुधारों के अगले चरण की तैयारियों को लेकर नई दिल्ली में अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सीखने की बुनियाद मजबूत करने, कक्षाओं में नवाचार को बढ़ावा देने और बदलती जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को विकसित करने पर चर्चा हुई।
मंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि बैठक का उद्देश्य भारत की युवा और तेजी से बदलती आबादी की आकांक्षाओं के अनुरूप स्कूली शिक्षा को मजबूत करना है। चर्चा में विद्यार्थियों की बुनियादी सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने और कक्षा स्तर पर नए तरीकों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को समय के साथ बदलती जरूरतों और देश के युवाओं की अपेक्षाओं के अनुरूप आगे बढ़ना जरूरी है। इसके लिए सीखने की मजबूत नींव के साथ कक्षाओं में नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
इसके अलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के साथ भी बैठक की। इसमें आने वाले महीनों में प्रस्तावित परीक्षाओं की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
उच्च शिक्षा से जुड़ी बैठक में आगामी परीक्षाओं की तैयारियों और उन्हें सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी विशेष परीक्षा का नाम या परीक्षा कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा से जुड़े दोनों स्तरों पर हुई बैठकों को शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की व्यापक कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। एक ओर जहां स्कूलों में सीखने के परिणाम और नवाचार पर ध्यान दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आगामी परीक्षाओं की तैयारियों की समीक्षा कर उच्च शिक्षा से जुड़ी परीक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियों का आकलन किया गया।


