
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को अहमदाबाद में अहमदाबाद नगर निगम (AMC) की लगभग 405 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने अपने लोकसभा क्षेत्र गांधीनगर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत एक विशाल पौधरोपण अभियान का भी शुभारंभ किया, जिसके अंतर्गत एक ही दिन में 1.25 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने वर्ष 2029 तक गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र का हरित क्षेत्र (Green Cover) बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा और लोगों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
गृह मंत्री ने कहा कि बरगद, पीपल, जामुन और अर्जुन जैसे देशी प्रजातियों के पेड़ बड़े पैमाने पर लगाने से पर्यावरण को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इन वृक्षों के व्यापक रोपण से शहर के औसत तापमान में लगभग 5 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है, जिससे भविष्य में नागरिकों को अधिक स्वच्छ और रहने योग्य वातावरण उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि जैव विविधता को बढ़ावा देने और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए स्थानीय प्रजातियों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
अमित शाह ने ऊर्जा संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक परिवार, आवासीय सोसायटी और संस्थान से अपने भवनों पर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने का आग्रह किया। उनके अनुसार, सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग न केवल बिजली उत्पादन बढ़ाएगा, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 101 नए ऑक्सीजन पार्कों का भी उद्घाटन किया गया। साथ ही इन पार्कों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक विशेष ई-बुक भी जारी की गई। इन ऑक्सीजन पार्कों का उद्देश्य शहरवासियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना, हरित क्षेत्र बढ़ाना और लोगों को प्रकृति से जोड़ना है।
सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में भी अहम कदम उठाया गया। गृह मंत्री ने 333 नई इलेक्ट्रिक बसों को अहमदाबाद म्युनिसिपल ट्रांसपोर्ट सर्विस (AMTS) और बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (BRTS) के बेड़े में शामिल किया। इसके साथ ही अहमदाबाद देश का पहला ऐसा BRTS नेटवर्क बन गया है, जहां 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक और शून्य प्रदूषण (Zero Pollution) वाली बसों का संचालन किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने से वायु प्रदूषण में कमी आएगी, ईंधन की बचत होगी और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा। वहीं, व्यापक पौधरोपण अभियान, ऑक्सीजन पार्कों की स्थापना और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने जैसी पहलें अहमदाबाद और गांधीनगर को हरित एवं सतत विकास के मॉडल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
