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गुरुग्राम में दर्दनाक हादसा: साड़ी से गला घुटने से 13 वर्षीय बच्ची की मौत

In Topshoot
April 14, 2026
RAjneetiGuru.com - गुरुग्राम में दर्दनाक हादसा साड़ी से गला घुटने से 13 वर्षीय बच्ची की मौत - Image Credited by Hindustan Times

सेक्टर 9 स्थित देवीलाल कॉलोनी में एक बेहद दुखद घटना में, रविवार शाम एक 13 वर्षीय लड़की की अपनी मां की साड़ी से गलती से गला घुटने के कारण मौत हो गई। सातवीं कक्षा की यह छात्रा अपने घर में खेल रही थी और उसने साड़ी को खिड़की की ग्रिल से बांधकर झूला बनाया था। घूमते समय साड़ी उसके गले में लिपट गई, जिससे दम घुटने से उसकी जान चली गई।

गुरुग्राम पुलिस ने इसे एक “फ्रीक एक्सीडेंट” (अजीबोगरीब हादसा) करार दिया है। मृतक लड़की अपने माता-पिता और दो छोटी बहनों के साथ किराए के मकान में रहती थी। उसके पिता, सुरेश सिंह, जो पेशे से एक दर्जी हैं और बिहार के सीतामढ़ी के रहने वाले हैं, घटना के समय घर पर ही मौजूद थे।

कैसे हुआ हादसा?

पुलिस के अनुसार, रानी कुमारी नाम की इस बच्ची ने खिड़की की ग्रिल पर साड़ी बांधकर झूला बनाया था। वह उस पर बैठकर गोल-गोल घूम रही थी। घूमते समय अचानक साड़ी फिसलकर उसके गले में फंस गई। जैसे-जैसे वह घूमती रही, कपड़े का फंदा कसता गया। उसकी छोटी बहनें शुरू में समझ नहीं पाईं कि क्या हो रहा है। जब बच्चे अचानक शांत हो गए, तब माता-पिता कमरे में पहुंचे और रानी को बेहोश पाया।

कानूनी कार्रवाई

परिजनों ने उसे तुरंत सेक्टर 10ए के नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुरुग्राम पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) संदीप तुरान ने बताया, “पुलिस ने मौके का मुआयना किया है और जांच में कोई संदिग्ध बात सामने नहीं आई है।” पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत मामला दर्ज किया है। शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को किया जाएगा।

सावधानी ही बचाव है

विशेषज्ञों का कहना है कि घरों में साड़ियों या दुपट्टों से झूला बनाना बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। माता-पिता को सलाह दी जाती है कि वे बच्चों को खिड़की की ग्रिल या पंखों से कपड़े बांधकर खेलने न दें। अक्सर खेलते समय बच्चे अपनी ताकत से फंदा नहीं खोल पाते, जिससे कुछ ही मिनटों में दम घुट जाता है।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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