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विजय की TVK और NDA के बीच गठबंधन की कोशिशें रजनीकांत विवाद के कारण विफल

In Politics
March 17, 2026
RajneetiGuru.com - विजय की TVK और NDA के बीच गठबंधन की कोशिशें रजनीकांत विवाद के कारण विफल - Image Credited by NDTV

चेन्नई – तमिलनाडु का राजनीतिक परिदृश्य, जो पहले से ही चुनावी सरगर्मी से भरा हुआ है, एक नाटकीय मोड़ का गवाह बना है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कज़गम‘ (TVK) के बीच चल रही गठबंधन की बातचीत प्रभावी रूप से विफल हो गई है। इस अचानक आए गतिरोध का मुख्य कारण TVK के एक वरिष्ठ नेता द्वारा दिग्गज सुपरस्टार रजनीकांत के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी है, जिसने AIADMK और BJP दोनों को विजय की नई पार्टी से दूरी बनाने पर मजबूर कर दिया है।

हफ्तों से चेन्नई और दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में पर्दे के पीछे चल रही बातचीत की खबरें गर्म थीं। अटकलें थीं कि भाजपा ने विजय की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है और TVK को 234 सदस्यीय विधानसभा में 80 सीटों तक और उपमुख्यमंत्री पद का प्रस्ताव दिया है। हालाँकि TVK नेताओं ने आधिकारिक तौर पर इन रिपोर्टों का खंडन किया था, लेकिन विजय की हालिया दिल्ली यात्रा के दौरान ये अफवाहें चरम पर थीं। लेकिन ऐसा लगता है कि कूटनीतिक सेतु बनने से पहले ही ढहा दिया गया है।

“आदव अर्जुन” विवाद

तनाव तब शुरू हुआ जब TVK के महासचिव आदव अर्जुन ने रजनीकांत के साथ तुलना करते हुए विजय की “मानसिक शक्ति” को श्रेष्ठ दिखाने की कोशिश की। अर्जुन ने दावा किया कि रजनीकांत ने 2020 में DMK के प्रथम परिवार (करुणानिधि परिवार) की “धमकियों” के कारण अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं छोड़ दी थीं। इसका उद्देश्य विजय को एक “साहसी” विकल्प के रूप में पेश करना था, लेकिन यह दांव उल्टा पड़ गया और पूरे राजनीतिक जगत में इसकी तीखी आलोचना हुई।

AIADMK, जिसने हाल ही में भाजपा के साथ अपने संबंध फिर से मजबूत किए हैं, हमला करने में सबसे आगे रही। AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) ने इन टिप्पणियों को “राजनीतिक रूप से अभद्र” करार दिया। रजनीकांत के विशाल प्रशंसक आधार को साधते हुए EPS ने कहा, “रजनीकांत एक सम्मानित फिल्मी हस्ती हैं जिनका राजनीति से परे सम्मान है। उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाली भाषा अस्वीकार्य है। राजनीति में आना या न आना व्यक्ति का अधिकार है, और हमें उनके कारणों का सम्मान करना चाहिए।”

सुपरस्टार के बचाव में उतरी भाजपा

विजय के साथ गठबंधन की संभावनाओं के बावजूद, भाजपा ने रजनीकांत के सांस्कृतिक कद को प्राथमिकता दी। तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने अर्जुन के दावों को एक “भ्रम” बताया। अन्नामलाई ने तर्क दिया कि 50 से अधिक वर्षों तक फिल्म उद्योग के शिखर पर बने रहने के लिए असाधारण मानसिक शक्ति की आवश्यकता होती है, जिससे उन्होंने TVK के विमर्श को सिरे से खारिज कर दिया।

वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक डॉ. एस. सुमंत ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा: “तमिलनाडु में सिनेमा और राजनीति अविभाज्य हैं, लेकिन रजनीकांत जैसे सांस्कृतिक प्रतीक का अपमान करना एक रणनीतिक भूल है। विजय की पार्टी अभी अपनी शुरुआती अवस्था में है; रजनी प्रशंसकों को नाराज करके उन्होंने न केवल संभावित मतदाताओं को खोया है, बल्कि भाजपा के लिए भी इस साझेदारी को जायज ठहराना असंभव बना दिया है।”

रजनीकांत की प्रतिक्रिया

आमतौर पर राजनीतिक विवादों पर चुप रहने वाले रजनीकांत ने एक दुर्लभ बयान जारी कर अर्जुन के दावों को “असत्य” बताया। तमिल में दिए गए एक रहस्यमयी लेकिन शक्तिशाली संदेश में सुपरस्टार ने कहा, “समय बोलता नहीं है, लेकिन वह इंतजार करता है और अपना जवाब देता है।” विशेष रूप से, उन्होंने समर्थन के लिए EPS, भाजपा के नैनार नागेंद्रन और यहाँ तक कि DMK मंत्री एस. रघुपति सहित सभी नेताओं का आभार व्यक्त किया, जिससे वर्तमान राजनीतिक चर्चा में TVK पूरी तरह अलग-थलग पड़ गई।

चौकोणीय मुकाबला

तमिलनाडु अब एक जटिल, चौकोणीय चुनावी लड़ाई के लिए तैयार हो रहा है:

  1. DMK नीत मोर्चा: अपने “द्रविड़ मॉडल” और कल्याणकारी योजनाओं के दम पर लगातार दूसरे कार्यकाल की तलाश में।

  2. AIADMK-BJP गठबंधन: पिछले तीन चुनावी झटकों के बाद सत्ता में वापसी की कोशिश में।

  3. विजय की TVK: ‘तीसरे विकल्प’ के रूप में उभरने और एम.जी. रामचंद्रन व सी.एन. अन्नादुरई जैसी सफलता दोहराने की उम्मीद में।

  4. सीमन की NTK: ‘नाम तमिलर काची’ युवाओं और तमिल राष्ट्रवादियों के बीच अपनी बढ़ती हिस्सेदारी के साथ एक स्वतंत्र खिलाड़ी बनी हुई है।

एक महंगी रणनीतिक चूक?

रजनीकांत को कमतर दिखाकर विजय को ऊपर उठाने के TVK के प्रयास ने स्थापित राजनीतिक दलों के बीच एक अप्रत्याशित एकता पैदा कर दी है। विजय के लिए, जो DMK-AIADMK के द्विध्रुवीय शासन को तोड़ने के लिए अपनी जन अपील पर भरोसा कर रहे हैं, यह गतिरोध तमिलनाडु के राजनीतिक शिष्टाचार को समझने की दिशा में एक कठिन सबक है। जैसे-जैसे राज्य 9 अप्रैल (मतदान) की ओर बढ़ रहा है, TVK खुद को एक अकेली लड़ाई लड़ते हुए पा रही है।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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