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“गद्दार दोस्त”: राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू के बीच संसद में तीखी नोकझोंक

In Politics
February 05, 2026
RajneetiGuru.com - गद्दार दोस्त राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू के बीच संसद में तीखी नोकझोंक - Image Credited by India Blooms

संसद के गेट के पास नेता प्रतिपक्ष ने दलबदलू मंत्री पर साधा निशाना, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता तेज

नई दिल्ली — मंगलवार, 4 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच संसद परिसर में तीखी नोकझोंक हुई। यह घटना संसद के मकर द्वार के पास हुई, जहाँ कांग्रेस सदस्य बजट सत्र के शेष समय के लिए निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसदों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

यह टकराव दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ जब रेल और खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू विरोध कर रहे कांग्रेस सांसदों के पास से गुजरे। अपने पूर्व सहयोगी को देखकर गांधी ने टिप्पणी की, “यहाँ एक गद्दार गुजर रहा है। चेहरा देखो।” इसके बाद उन्होंने मजाक में हाथ मिलाने की पेशकश करते हुए कहा, “हेलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त। चिंता मत करो, तुम वापस आओगे।”

बिट्टू ने हाथ मिलाने से इनकार कर दिया और पलटवार करते हुए गांधी को “देश का दुश्मन” और “सिखों का हत्यारा” करार दिया।

प्रमुख पक्षकार और भौगोलिक प्रासंगिकता

इस घटना में राष्ट्रीय स्तर के बड़े नेता शामिल हैं:

  • राहुल गांधी: कांग्रेस का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और एनडीए सरकार के खिलाफ विपक्ष का नेतृत्व कर रहे हैं।

  • रवनीत सिंह बिट्टू: तीन बार के पूर्व कांग्रेस सांसद और दिवंगत पंजाब के मुख्यमंत्री बेंत सिंह के पोते, जो 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे।

  • अन्य पक्षकार: सिख समुदाय, पंजाब के मतदाता और लोकसभा अध्यक्ष का कार्यालय।

हालांकि यह टकराव नई दिल्ली में हुआ, लेकिन इसकी गूँज पंजाब में मजबूती से सुनाई दी, जहाँ दोनों नेताओं के बड़े राजनीतिक हित जुड़े हैं।

सोशल मीडिया पर बढ़ता आक्रोश

यह विवाद केवल एक व्यक्तिगत नोकझोंक नहीं थी, बल्कि बिट्टू के दलबदल पर कांग्रेस के भीतर गहरे गुस्से का प्रतिबिंब थी। भाजपा ने “गद्दार” शब्द को सिख समुदाय पर हमले के रूप में पेश किया। कुछ ही घंटों में एक्स (X) पर #ShameOnRahul ट्रेंड करने लगा, जबकि कांग्रेस समर्थकों ने बिट्टू के उन पुराने वीडियो को साझा किया जिसमें वह गांधी की तारीफ कर रहे थे।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित सिख नेताओं ने गांधी की भाषा की निंदा की। नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने “सिख शहीद के पोते के अपमान” के लिए माफी की मांग की।

“इस ‘गद्दार’ शब्द को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यह शब्द देश के साथ विश्वासघात करने वाले के लिए इस्तेमाल किया जाता है। एक ऐसे परिवार के सदस्य के खिलाफ इसका इस्तेमाल करना, जिसने भारत की एकता के लिए मुख्यमंत्री का बलिदान दिया हो, अस्वीकार्य है,” हरदीप सिंह पुरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा।

एक साझा इतिहास जो कड़वाहट में बदला

रवनीत सिंह बिट्टू को कभी “टीम राहुल” का खास माना जाता था। गांधी ने ही उन्हें अपने दादा बेंत सिंह की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए राजनीति में सक्रिय किया था। 2024 में उनका अचानक भाजपा में जाना गांधी परिवार के लिए एक बड़ा झटका था। बिट्टू अब गांधी के सबसे मुखर आलोचकों में से एक बन गए हैं।

वर्तमान स्थिति

बुधवार सुबह तक यह राजनीतिक गतिरोध बना हुआ है। रवनीत बिट्टू ने संकेत दिया है कि वह राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (Privilege Motion) ला सकते हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी अपनी टिप्पणी पर कायम है। पंजाब कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि बिट्टू को “गद्दार” कहना किसी समुदाय का अपमान नहीं, बल्कि राजनीतिक अवसरवाद की आलोचना है।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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