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पवार वंश का नया मोड़: पार्थ राज्यसभा में, सुनेत्रा का कद बढ़ा

In Politics
January 31, 2026
Rajneetiguru.com - पवार वंश का नया मोड़ पार्थ राज्यसभा में, सुनेत्रा का कद बढ़ा - Image Credited by India Today

मुंबई / बारामती — महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य में एक रणनीतिक बदलाव के तहत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने अपने दिग्गज नेता अजीत पवार के असामयिक निधन के बाद एक पीढ़ीगत परिवर्तन शुरू किया है। “बारामती विरासत” को मजबूत करने के उद्देश्य से, दिवंगत नेता के बड़े बेटे पार्थ पवार राज्यसभा में प्रवेश करने के लिए तैयार हैं। साथ ही, उनकी माँ और वर्तमान राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार शनिवार को महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाली हैं।

यह दोहरी पदोन्नति एनसीपी के लिए एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जो 28 जनवरी को हुए विमान हादसे के बाद नेतृत्वविहीन हो गई थी। सुनेत्रा को राज्य सरकार की कमान सौंपकर और पार्थ को राज्यसभा भेजकर, पार्टी नेतृत्व—जिसमें प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं—7 फरवरी को होने वाले पुणे जिला परिषद चुनावों से पहले एक “एकजुट मोर्चे” का संकेत दे रहा है।

शपथ ग्रहण: राजभवन में एक नया मील का पत्थर

62 वर्षीय सुनेत्रा पवार शनिवार शाम 5:00 बजे राजभवन में पद की शपथ लेंगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनके उपमुख्यमंत्री बनने का निर्णय पवार परिवार के भीतर गहन विचार-विमर्श और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ परामर्श के बाद लिया गया।

वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल ने संवाददाताओं से कहा, “शनिवार को एनसीपी विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी, जहाँ सुनेत्रा पवार को अपना नेता चुना जाएगा। कई नेता चाहते हैं कि वे उपमुख्यमंत्री बनें ताकि पार्टी को एकजुट रखा जा सके।”

सुनेत्रा के पास आबकारी (Excise) और खेल विभाग रहने की संभावना है, जो पहले उनके पति के पास थे। हालांकि, वित्त विभाग फिलहाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास रहेगा, क्योंकि मार्च में बजट सत्र होना है। बाद में यह विभाग फिर से एनसीपी को सौंपा जा सकता है।

पार्थ पवार का राष्ट्रीय पदार्पण

पार्थ पवार का राज्यसभा में प्रवेश उनके राजनीतिक करियर को फिर से पटरी पर लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। पार्थ ने 2019 का लोकसभा चुनाव मावल निर्वाचन क्षेत्र से लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब अपनी माँ द्वारा खाली की जाने वाली सीट को भरकर, पार्थ दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होंगे, जिससे पवार परिवार की आवाज़ राष्ट्रीय स्तर पर बनी रहेगी।

बारामती की त्रासदी

यह राजनीतिक फेरबदल 66 वर्षीय अजीत पवार की बुधवार सुबह हुई मौत के कारण हुआ है। उनका चार्टर्ड विमान बारामती हवाई अड्डे पर उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई थी।

अजीत पवार जिला परिषद चुनावों के लिए प्रचार करने अपने गृह नगर जा रहे थे। गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उनके चाचा शरद पवार सहित कई बड़े नेता शामिल हुए थे।

निष्कर्ष: जिला परिषद चुनाव पहली परीक्षा

सुनेत्रा पवार की नियुक्ति और पार्थ का दिल्ली जाना, 7 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनावों के लिए कैडर का मनोबल बढ़ाने की एक कोशिश है। राज्य चुनाव आयोग ने मतदान की तारीख को 5 फरवरी से बढ़ाकर 7 फरवरी कर दिया है। एनसीपी के लिए ये चुनाव केवल स्थानीय चुनाव नहीं, बल्कि अजीत पवार को एक “संगठनात्मक श्रद्धांजलि” देने का जरिया बन गए हैं।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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