तमिल सुपरस्टार और ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) के अध्यक्ष विजय की फिल्म जना नायकन (Jana Nayagan) के सेंसर प्रमाणन को लेकर छिड़ा विवाद अब एक बड़े राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दे में बदल गया है। मंगलवार, 13 जनवरी 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अभिनेता विजय का समर्थन करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के माध्यम से तमिल संस्कृति और अभिव्यक्ति की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
विजय की यह फिल्म उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत से पहले आखिरी फिल्म मानी जा रही है। 9 जनवरी को रिलीज होने वाली इस फिल्म का रास्ता तब रुक गया जब सेंसर बोर्ड (CBFC) ने इसे ‘रिवाइजिंग कमेटी’ के पास भेजने का फैसला किया, जबकि पहले इसे ‘U/A 16+’ सर्टिफिकेट देने की सिफारिश की गई थी।
‘तमिल गौरव पर हमला’: राहुल गांधी का बयान
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए लिखा, “सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा ‘जना नायकन’ को रोकने का प्रयास तमिल संस्कृति पर हमला है। मिस्टर मोदी, आप तमिल लोगों की आवाज को दबाने में कभी सफल नहीं होंगे।”
यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने विजय का बचाव किया है। 2017 में जब फिल्म मेर्सल (Mersal) में जीएसटी (GST) की आलोचना वाले दृश्यों पर भाजपा ने आपत्ति जताई थी, तब भी राहुल ने कहा था कि “सिनेमा तमिल संस्कृति की गहरी अभिव्यक्ति है, तमिल गौरव के साथ छेड़छाड़ न करें।”
कानूनी पेंच: हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक
इस विवाद ने तब तूल पकड़ा जब मद्रास हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने फिल्म के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सेंसर बोर्ड को तुरंत सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दिया। जस्टिस पी.टी. आशा ने टिप्पणी की थी कि सेंसर बोर्ड के एक सदस्य द्वारा अंतिम समय में उठाई गई आपत्तियां “बाद का विचार” और “प्रेरित” लगती हैं।
हालांकि, बाद में मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने इस आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने सवाल किया कि निर्माताओं ने सर्टिफिकेट मिलने से पहले ही रिलीज की तारीख की घोषणा क्यों की। अब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जहां फिल्म के निर्माता ‘KVN प्रोडक्शंस’ ने तत्काल सुनवाई की मांग की है ताकि फिल्म पोंगल के त्यौहार पर रिलीज हो सके।
“सेंसर बोर्ड का व्यवहार असामान्य है। भारतीय सिनेमा में ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया। यह फिल्म निर्माताओं को डराने जैसा है,” निर्माता धनंजयन ने एक साक्षात्कार में कहा।
विजय और राहुल गांधी के बीच बढ़ती निकटता
राहुल गांधी और विजय के बीच यह एकजुटता केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है। पिछले साल करूर में विजय की राजनीतिक रैली के दौरान मची भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी। उस समय राहुल गांधी पहले राष्ट्रीय नेता थे जिन्होंने विजय को फोन कर संवेदना व्यक्त की थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बढ़ती निकटता भविष्य में तमिलनाडु की राजनीति में नए गठबंधनों का संकेत दे सकती है।
कला और राजनीति का टकराव
जब तक सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर फैसला नहीं सुनाता, जना नायकन केवल एक फिल्म नहीं बल्कि क्षेत्रीय पहचान और केंद्रीय नियंत्रण के बीच टकराव का प्रतीक बनी रहेगी। विजय के लिए यह विवाद उनके राजनीतिक जीवन की अग्निपरीक्षा की तरह है, वहीं कांग्रेस के लिए यह “तमिल अस्मिता” के नाम पर केंद्र को घेरने का एक और मौका है।
