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लक्ष्मी भंडार जारी; भाजपा का अन्नपूर्णा भंडार से ₹3,000 का वादा

In Politics
May 14, 2026
लक्ष्मी भंडार जारी; भाजपा का अन्नपूर्णा भंडार से ₹3,000 का वादा - RajneetiGuru.com

पश्चिम बंगाल की राजनीति और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव आया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई भाजपा सरकार ने आधिकारिक तौर पर “लक्ष्मी भंडार” योजना को जारी रखने की पुष्टि की है। मई 2026 के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद पहली कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस घोषणा ने राज्य की उन 2 करोड़ से अधिक महिला लाभार्थियों की चिंता को दूर कर दिया है, जिन्हें सत्ता परिवर्तन के बाद मासिक सहायता बंद होने का डर था।

सरकार केवल पुरानी योजना को जारी ही नहीं रख रही है, बल्कि इसे और अधिक भव्य बनाने की तैयारी में है। भाजपा ने अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए लक्ष्मी भंडार को “अन्नपूर्णा भंडार” योजना में बदलने की घोषणा की है। इस नई योजना के तहत, मासिक सहायता को बढ़ाकर ₹3,000 करने का वादा किया गया है, जो सभी श्रेणियों की महिलाओं के लिए समान होगा।

बड़ा बदलाव: लक्ष्मी से अन्नपूर्णा तक का सफर

पिछले कई वर्षों से तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने लक्ष्मी भंडार योजना को अपना सबसे बड़ा चुनावी हथियार बनाया था। चुनाव प्रचार के दौरान यह तर्क दिया गया था कि यदि भाजपा सत्ता में आई, तो यह योजना बंद कर दी जाएगी। हालांकि, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की ताजा घोषणा ने इस चुनावी विमर्श को पूरी तरह बदल दिया है।

वर्तमान भुगतान संरचना (फरवरी 2026 की वृद्धि के बाद): चुनावों से पहले पिछली सरकार ने अंतरिम बजट में सहायता राशि में वृद्धि की थी। वर्तमान में भुगतान इस प्रकार है:

  • सामान्य वर्ग: ₹1,500 प्रति माह।

  • SC/ST वर्ग: ₹1,700 प्रति माह।

भविष्य की योजना: अन्नपूर्णा भंडार भाजपा सरकार ने 1 जून 2026 से अन्नपूर्णा भंडार योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का लक्ष्य रखा है।

  • मासिक लाभ: ₹3,000 (सीधे बैंक खाते में)।

  • आयु सीमा में विस्तार: पात्रता की आयु, जो पहले 25-60 वर्ष थी, अब बढ़ाकर 21-60 वर्ष किए जाने की उम्मीद है। इससे लाखों युवा महिलाएं भी इस दायरे में आ जाएंगी।

“हम यहाँ सेवा करने आए हैं, योजनाओं को बंद करने नहीं। लक्ष्मी भंडार प्राप्त करने वाली हर बहन को उसका लाभ मिलता रहेगा, लेकिन अब वह लाभ पहले से दोगुना होगा,” मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नबन्ना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा। “अन्नपूर्णा भंडार बंगाल की ‘मातृ शक्ति’ के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है।”

लक्ष्मी भंडार की विरासत

फरवरी 2021 में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार द्वारा शुरू की गई लक्ष्मी भंडार योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की महिलाओं को सहायता प्रदान करना था। मासिक आय की गारंटी देकर यह योजना ग्रामीण और अर्ध-शहरी बंगाल में अत्यंत लोकप्रिय हो गई थी। शुरुआत में इसमें सामान्य वर्ग को ₹500 और SC/ST महिलाओं को ₹1,000 मिलते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर क्रमशः ₹1,000 और ₹1,200 किया गया था।

राजनीतिक दांव और आर्थिक चुनौतियां

2026 के चुनावों में भाजपा की “काउंटर-गारंटी” रणनीति सफल रही। ₹3,000 के मासिक लाभ का प्रस्ताव देकर पार्टी ने चर्चा को “योजना बचाने” से हटाकर “लाभ बढ़ाने” पर केंद्रित कर दिया। हालांकि, अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि इस वृद्धि से राज्य के खजाने पर भारी बोझ पड़ेगा। 2.1 करोड़ लाभार्थियों के लिए भुगतान दोगुना करने के लिए सालाना ₹75,000 करोड़ से अधिक के आवंटन की आवश्यकता होगी। सरकार को इस विशाल खर्च को पूरा करने के लिए केंद्रीय अनुदान और अन्य राज्य व्ययों के पुनर्गठन पर निर्भर रहना होगा।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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