
तमिलनाडु की राजनीति के 50 साल के इतिहास में बुधवार को सबसे बड़ा भूकंप आया है। अभिनेता से नेता बने विजय (Thalapathy Vijay) की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कज़गम’ (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में 108 सीटें जीतकर द्रविड़ राजनीति के दो दिग्गज स्तंभों—DMK और AIADMK—को हिला कर रख दिया है। इस करारी हार के बाद मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। हालांकि, असली राजनीतिक ड्रामा नतीजों के बाद शुरू हुआ, जब कांग्रेस ने अपने पुराने साथी DMK का साथ छोड़कर TVK को समर्थन देने का संकेत दिया। इस पर DMK ने कांग्रेस को “पीठ में छुरा घोंपने वाला” करार दिया है।
चुनावी आंकड़े: एक नए युग का उदय
234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता होती है। TVK जादुई आंकड़े से मात्र 10 सीटें दूर है, लेकिन वह राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
TVK: 108 सीटें
DMK: 59 सीटें
AIADMK: 47 सीटें
कांग्रेस: 5 सीटें
सबसे चौंकाने वाला परिणाम कोलाथुर सीट से आया, जहाँ स्वयं एम.के. स्टालिन को TVK उम्मीदवार के हाथों हार का सामना करना पड़ा। यह हार DMK के लिए एक बड़ा व्यक्तिगत और राजनीतिक झटका है।
कांग्रेस का ‘यू-टर्न’ और DMK का गुस्सा
जैसे ही यह स्पष्ट हुआ कि विजय के बिना सरकार बनाना असंभव है, कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदल ली। राहुल गांधी और के.सी. वेणुगोपाल ने विजय के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा की है। कांग्रेस का कहना है कि वे “जनता के जनादेश” का सम्मान कर रहे हैं, लेकिन DMK इसे “विश्वासघात” मान रही है।
DMK प्रवक्ता सरवनन अन्नादुराई ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा, “कांग्रेस ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा है। जो पार्टी गठबंधन धर्म का पालन नहीं कर सकती, उस पर भरोसा करना हमारी सबसे बड़ी गलती थी। आज जो 5 सीटें कांग्रेस के पास हैं, वे भी DMK के समर्थन की वजह से हैं।”
विजय का राजनीतिक सफर
फरवरी 2024 में TVK की स्थापना के समय किसी ने नहीं सोचा था कि विजय इतनी जल्दी द्रविड़ राजनीति की जड़ों को हिला देंगे। उन्होंने “भ्रष्टाचार मुक्त” और “युवा-केंद्रित” राजनीति का नारा दिया। 2025 में करूर में एक रैली के दौरान हुई भगदड़ (जिसमें 41 लोगों की मौत हुई थी) के बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी, लेकिन विजय ने हार नहीं मानी और जमीनी स्तर पर काम करना जारी रखा।
आगे की राह: क्या विजय बनेंगे मुख्यमंत्री?
पनायूर स्थित पार्टी मुख्यालय में विजय को सर्वसम्मति से ‘विधायक दल का नेता’ चुन लिया गया है।
राज्यपाल की भूमिका: राज्यपाल जल्द ही सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते TVK को सरकार बनाने का न्योता दे सकते हैं।
बहुमत साबित करना: विजय को विधानसभा में 118 विधायकों का समर्थन साबित करना होगा। कांग्रेस की 5 सीटों और कुछ निर्दलीयों के साथ वे इस आंकड़े के बेहद करीब पहुँच सकते हैं।
शर्तें: कांग्रेस ने शर्त रखी है कि TVK को BJP या उसके सहयोगियों से कोई मदद नहीं लेनी चाहिए।
तमिलनाडु अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहाँ से एमजीआर और जयललिता के बाद एक और फिल्मी सितारा मुख्यमंत्री की कुर्सी की ओर बढ़ रहा है। अगले 48 घंटे राज्य की भविष्य की दिशा तय करेंगे।


