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त्रिची एयरपोर्ट पर 45 जीवित सरीसृपों की तस्करी नाकाम

In National
October 28, 2026
त्रिची एयरपोर्ट पर 45 जीवित सरीसृपों की तस्करी नाकाम - RajneetiGuru.com

तमिलनाडु के त्रिची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने 45 जीवित सरीसृपों की तस्करी की कोशिश नाकाम कर दी। डीआरआई ने त्रिची एयरपोर्ट की एयर इंटेलिजेंस यूनिट के साथ संयुक्त अभियान चलाकर सोमवार को दो भारतीय यात्रियों को रोका। दोनों यात्री बैंकॉक से कोलंबो होते हुए भारत पहुंचे थे।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, यात्रियों के सामान की व्यवस्थित जांच के दौरान 27 खाद्य पैकेटों में छिपाए गए जीवित वन्यजीव बरामद किए गए। जांच में पाया गया कि सभी सरीसृप बेहोशी की हालत में थे। अधिकारियों ने वन्यजीवों को जब्त कर लिया और सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत दोनों यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया।

27 खाद्य पैकेटों में छिपाए गए थे सरीसृप

अधिकारियों ने यात्रियों के सामान की विस्तृत जांच के दौरान तस्करी के इस प्रयास का पता लगाया। बरामद किए गए सरीसृपों को 27 खाद्य पैकेटों के अंदर छिपाकर रखा गया था।

वित्त मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, जांच के समय जीवित सरीसृप बेहोशी की स्थिति में मिले। अधिकारियों ने सभी बरामद वन्यजीवों को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।

चार प्रजातियों के 45 जीवित सरीसृप बरामद

कार्रवाई के दौरान कुल 45 सरीसृप बरामद किए गए। इनमें चार अलग-अलग प्रजातियां शामिल थीं।

बरामद वन्यजीवों का विवरण इस प्रकार है:

  • कॉर्न स्नेक: 23
  • बॉल पाइथन: 16
  • अर्जेंटीनी ब्लैक एंड व्हाइट टेगू: 5
  • स्नो व्हाइट इगुआना: 1

इन सभी को मिलाकर बरामद सरीसृपों की कुल संख्या 45 है। अधिकारियों ने वन्यजीवों को जब्त कर लिया है।

सीमा शुल्क अधिनियम के तहत दो यात्री गिरफ्तार

डीआरआई ने इस मामले में दोनों भारतीय यात्रियों को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है। कार्रवाई त्रिची एयरपोर्ट की एयर इंटेलिजेंस यूनिट के सहयोग से की गई।

फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में गिरफ्तार यात्रियों की पहचान, वन्यजीवों की तस्करी के पीछे का उद्देश्य या मामले में आगे की जांच के निष्कर्षों का विवरण नहीं दिया गया है। मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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