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अमित शाह ने नक्सलवाद मुक्त भारत का श्रेय शहीदों को दिया, 2029 तक नशामुक्त देश का लक्ष्य

In National
October 21, 2026
अमित शाह ने नक्सलवाद मुक्त भारत का श्रेय शहीदों को दिया, 2029 तक नशामुक्त देश का लक्ष्य - RajneetiGuru.com

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को नई दिल्ली में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर ड्यूटी के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सुरक्षाकर्मियों के बलिदान ने नक्सलवाद-मुक्त भारत की नींव रखी है। इसके साथ ही उन्होंने देशभर में नशे की समस्या को खत्म करने के लिए एक समन्वित अभियान चलाने का आह्वान किया और 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया।

चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि भारत ने कश्मीर, पूर्वोत्तर और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के जवानों के योगदान को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।

नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए हजारों जवान

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 1981 से मार्च 2026 तक नक्सलवाद के कारण देश को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उनके अनुसार, इस अवधि में 3,600 से अधिक सुरक्षाकर्मी शहीद हुए और करीब 13,700 निर्दोष नागरिकों की जान गई।

गृह मंत्री ने शहीद जवानों के परिवारों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की विकास यात्रा में उनके परिजनों के बलिदान का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि देश इन परिवारों के त्याग के प्रति आभार व्यक्त करता है।

शाह ने 2026 को पुलिस बलों के लिए महत्वपूर्ण वर्ष बताते हुए कहा कि 31 मार्च को भारत नक्सलवाद से मुक्त हुआ। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और कोबरा बटालियन की भूमिका की विशेष रूप से सराहना की।

कश्मीर और पूर्वोत्तर में सुरक्षा स्थिति पर चर्चा

गृह मंत्री ने कहा कि कश्मीर, पूर्वोत्तर और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों को लंबे समय तक देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए प्रमुख चुनौती माना जाता था। उनके अनुसार, इन क्षेत्रों में सुरक्षा स्थिति में सुधार के साथ विकास के लिए अनुकूल माहौल तैयार हुआ है।

शाह ने कहा कि कश्मीर में आतंकवाद पर काफी हद तक नियंत्रण हासिल किया गया है। वहीं, कई समझौतों और हजारों लोगों के हथियार छोड़ने के बाद पूर्वोत्तर में शांति की दिशा में प्रगति हुई है।

उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में शांति स्थापित होने से विकास के नए अवसर सामने आए हैं और अब ये क्षेत्र देश के अन्य हिस्सों के साथ विकास की दौड़ में आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।

CAPF जवानों की भूमिका की सराहना

अमित शाह ने सीमाओं और देश के भीतर सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जवान चुनाव, त्योहार, विरोध-प्रदर्शन और सीमा सुरक्षा जैसे विभिन्न अवसरों पर अपने घरों से दूर रहकर देश की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए शाह ने CAPF कर्मियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में लंबे समय से चुनावी हिंसा की समस्या रही है और इस बार चुनाव प्रक्रिया के दौरान एक भी मौत नहीं होने के लिए उन्होंने सुरक्षा बलों को बधाई दी।

31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य

गृह मंत्री ने नशे की समस्या को देश की भावी पीढ़ियों, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों का अवैध कारोबार युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाता है और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल संगठनों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करा सकता है।

शाह ने वर्ष 2026 के शेष समय के साथ 2027, 2028 और 2029 के दौरान देशव्यापी अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने पुलिस बलों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित लक्ष्य और तैयार रोडमैप के अनुसार काम करने की अपील की, ताकि 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशे की समस्या से मुक्त करने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।

पुलिस स्मृति दिवस का ऐतिहासिक महत्व

अमित शाह ने पुलिस स्मृति दिवस की शुरुआत का उल्लेख करते हुए बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के दुर्गम हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी बलों के हमले का बहादुरी से मुकाबला करते हुए सीआरपीएफ के 10 जवान शहीद हुए थे। तभी से हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का उद्घाटन किया था। शाह के अनुसार, अब तक 36,852 पुलिसकर्मियों को इस स्मारक पर श्रद्धांजलि दी जा चुकी है। इस वर्ष 154 और शहीद जवानों के नाम इस सूची में जोड़े गए, जिन्हें कार्यक्रम के दौरान याद किया गया।

कार्यक्रम में गृह मंत्री ने मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाई। सीआरपीएफ महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने उन्हें रैली के बारे में जानकारी दी। समारोह के दौरान शहीदों की स्मृति-पुस्तिका की सुरक्षा और प्रस्तुति के लिए जिम्मेदार पुलिस दल ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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