
त्रिपुरा में महाष्टमी के अवसर पर दुर्गा पूजा का उत्सव पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। राज्यभर के मंदिरों और पूजा पंडालों में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंत्रोच्चार, पारंपरिक ढाक की थाप और मां दुर्गा को पुष्प अर्पित करने के साथ पूरे प्रदेश में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
महाष्टमी के विशेष अवसर पर मंदिरों और पूजा स्थलों में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर रहे हैं और उत्सव में भाग ले रहे हैं। त्रिपुरा में दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाला प्रमुख उत्सव भी है।
अगरतला के रामकृष्ण मिशन में कुमारी पूजा
अगरतला स्थित ढालेश्वर रामकृष्ण मिशन में महाष्टमी के अनुष्ठानों के तहत कुमारी पूजा आयोजित की गई। दुर्गा पूजा के दौरान होने वाली इस विशेष पूजा में कुमारी को देवी के स्वरूप के रूप में पूजने की परंपरा है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्वामी विवेकानंद ने वर्ष 1901 में बेलूर मठ में दुर्गा पूजा के दौरान कुमारी पूजा के इस विशेष आयोजन की शुरुआत की थी। इसके बाद से यह अनुष्ठान धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के साथ जुड़ा हुआ है।
महाष्टमी पर कुमारी पूजा का आयोजन दुर्गा पूजा की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है। इस अवसर पर श्रद्धालु पूजा-अर्चना में हिस्सा लेते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हैं।
सोनामुरा के ऐतिहासिक दुर्गाबाड़ी मंदिर में 188वां आयोजन
त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले के सोनामुरा स्थित ऐतिहासिक दुर्गाबाड़ी मंदिर में भी दुर्गा पूजा पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मनाई जा रही है। इस मंदिर में पूजा की परंपरा रियासतकाल से चली आ रही है।
इस वर्ष मंदिर में वार्षिक दुर्गा पूजा का 188वां आयोजन हो रहा है। लंबे समय से चली आ रही यह परंपरा क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
दुर्गाबाड़ी मंदिर में पूजा का आयोजन पुराने रीति-रिवाजों के अनुरूप किया जा रहा है। इस तरह यह उत्सव स्थानीय लोगों के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करता है।
राज्यभर में बना भक्तिमय माहौल
महाष्टमी के दिन त्रिपुरा के विभिन्न मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से उत्सव का माहौल बना हुआ है। पारंपरिक ढाक, मंत्रोच्चार और पुष्प अर्पण जैसे धार्मिक अनुष्ठान दुर्गा पूजा की विशेष पहचान बने हुए हैं।
अगरतला के रामकृष्ण मिशन में कुमारी पूजा और सोनामुरा के दुर्गाबाड़ी मंदिर में 188वें वार्षिक आयोजन ने इस वर्ष के उत्सव को विशेष महत्व दिया है। राज्यभर में श्रद्धालु पारंपरिक विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं।



