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त्रिपुरा में दुर्गा पूजा की धूम, मंदिरों और पंडालों में उमड़ी भीड़

In National
October 19, 2026
त्रिपुरा में दुर्गा पूजा की धूम - RajneetiGuru.com

त्रिपुरा में महाष्टमी के अवसर पर दुर्गा पूजा का उत्सव पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। राज्यभर के मंदिरों और पूजा पंडालों में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंत्रोच्चार, पारंपरिक ढाक की थाप और मां दुर्गा को पुष्प अर्पित करने के साथ पूरे प्रदेश में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।

महाष्टमी के विशेष अवसर पर मंदिरों और पूजा स्थलों में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर रहे हैं और उत्सव में भाग ले रहे हैं। त्रिपुरा में दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाला प्रमुख उत्सव भी है।

अगरतला के रामकृष्ण मिशन में कुमारी पूजा

अगरतला स्थित ढालेश्वर रामकृष्ण मिशन में महाष्टमी के अनुष्ठानों के तहत कुमारी पूजा आयोजित की गई। दुर्गा पूजा के दौरान होने वाली इस विशेष पूजा में कुमारी को देवी के स्वरूप के रूप में पूजने की परंपरा है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्वामी विवेकानंद ने वर्ष 1901 में बेलूर मठ में दुर्गा पूजा के दौरान कुमारी पूजा के इस विशेष आयोजन की शुरुआत की थी। इसके बाद से यह अनुष्ठान धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के साथ जुड़ा हुआ है।

महाष्टमी पर कुमारी पूजा का आयोजन दुर्गा पूजा की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है। इस अवसर पर श्रद्धालु पूजा-अर्चना में हिस्सा लेते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हैं।

सोनामुरा के ऐतिहासिक दुर्गाबाड़ी मंदिर में 188वां आयोजन

त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले के सोनामुरा स्थित ऐतिहासिक दुर्गाबाड़ी मंदिर में भी दुर्गा पूजा पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मनाई जा रही है। इस मंदिर में पूजा की परंपरा रियासतकाल से चली आ रही है।

इस वर्ष मंदिर में वार्षिक दुर्गा पूजा का 188वां आयोजन हो रहा है। लंबे समय से चली आ रही यह परंपरा क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

दुर्गाबाड़ी मंदिर में पूजा का आयोजन पुराने रीति-रिवाजों के अनुरूप किया जा रहा है। इस तरह यह उत्सव स्थानीय लोगों के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करता है।

राज्यभर में बना भक्तिमय माहौल

महाष्टमी के दिन त्रिपुरा के विभिन्न मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से उत्सव का माहौल बना हुआ है। पारंपरिक ढाक, मंत्रोच्चार और पुष्प अर्पण जैसे धार्मिक अनुष्ठान दुर्गा पूजा की विशेष पहचान बने हुए हैं।

अगरतला के रामकृष्ण मिशन में कुमारी पूजा और सोनामुरा के दुर्गाबाड़ी मंदिर में 188वें वार्षिक आयोजन ने इस वर्ष के उत्सव को विशेष महत्व दिया है। राज्यभर में श्रद्धालु पारंपरिक विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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