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भारत करीब 100 देशों को निर्यात कर रहा स्वदेशी रक्षा उत्पाद: राजनाथ सिंह

In National
October 15, 2026
भारत करीब 100 देशों को निर्यात कर रहा स्वदेशी रक्षा उत्पाद राजनाथ सिंह - RajneetiGuru.com

भारत अब दुनिया के करीब 100 देशों को स्वदेशी रक्षा उत्पादों का निर्यात कर रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित ‘टाइम्स नाउ डिफेंस कॉन्क्लेव 2026’ में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2013-14 के 686 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 38,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। रक्षा मंत्री के अनुसार, पिछले साढ़े 12 वर्षों में देश के रक्षा क्षेत्र की क्षमताओं में विस्तार के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की रणनीति में भी बड़ा बदलाव आया है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार ऐसा रक्षा इकोसिस्टम विकसित कर रही है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती देने के साथ आर्थिक विकास को गति दे और वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था में भारत की भूमिका को भी मजबूत करे। उन्होंने गोला-बारूद के स्वदेशी उत्पादन में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि भारतीय सेना की सूची में शामिल 175 गोला-बारूद वेरिएंट में से 159 स्वदेशी हैं।

रक्षा निर्यात में 686 करोड़ से 38,000 करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि

रक्षा मंत्री के मुताबिक, भारत के रक्षा निर्यात में पिछले एक दशक से अधिक समय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2013-14 में जहां रक्षा उत्पादों का निर्यात 686 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा 38,000 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया।

उन्होंने कहा कि भारत अब करीब 100 देशों को अपने स्वदेशी रक्षा उत्पादों की आपूर्ति कर रहा है। यह विस्तार देश में रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय उत्पादों की पहुंच मजबूत करने के प्रयासों को दर्शाता है।

सरकार का लक्ष्य रक्षा क्षेत्र में घरेलू क्षमताओं को बढ़ावा देने के साथ भारत को वैश्विक रक्षा उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका दिलाना है।

गोला-बारूद के 175 वेरिएंट में से 159 स्वदेशी

राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने गोला-बारूद के विभिन्न प्रकारों में 90 प्रतिशत से अधिक आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है।

उन्होंने बताया कि भारतीय सेना की सूची में मौजूद 175 गोला-बारूद वेरिएंट में से 159 का उत्पादन देश में किया जाता है। यह आंकड़ा सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए घरेलू उत्पादन क्षमता विकसित करने की दिशा में हुई प्रगति को दर्शाता है।

रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन बढ़ने से घरेलू उद्योगों को अवसर मिलने और सैन्य जरूरतों के लिए देश के भीतर उत्पादन क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है।

रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक बदलाव पर जोर

रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े 12 वर्षों में भारत के रक्षा क्षेत्र में केवल उत्पादन क्षमता का विस्तार नहीं हुआ, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के तरीके में भी महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव आया है।

उन्होंने कहा कि सरकार रक्षा क्षेत्र को ऐसा व्यापक इकोसिस्टम बनाने की दिशा में काम कर रही है, जो सुरक्षा जरूरतों के साथ आर्थिक विकास में योगदान दे। उनके अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य वैश्विक सुरक्षा ढांचे में भारत की भूमिका को और मजबूत करना भी है।

रक्षा निर्यात में वृद्धि और गोला-बारूद के स्वदेशी उत्पादन में प्रगति को इसी व्यापक बदलाव के महत्वपूर्ण हिस्सों के रूप में पेश किया गया।

सशस्त्र बल हर चुनौती के लिए तैयार: राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के सशस्त्र बल किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत के खिलाफ हथियार उठाने वाले अधिकांश आतंकवादियों को उनके ऐसा करने के एक वर्ष के भीतर ही सुरक्षा बलों ने निष्क्रिय कर दिया है।

रक्षा मंत्री ने रक्षा उत्पादन, स्वदेशी क्षमताओं और सुरक्षा तैयारियों को देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया।

टाइम्स नाउ डिफेंस कॉन्क्लेव 2026 में दिए गए उनके बयान के अनुसार, भारत रक्षा क्षेत्र में घरेलू उत्पादन बढ़ाने, निर्यात का विस्तार करने और वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था में अपनी भूमिका मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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