
नेपाल के मध्य क्षेत्र में सप्ताहांत के दौरान आई बाढ़ ने कई पैदल रास्तों और पुलों को बहा दिया, जिससे 100 से अधिक विदेशी ट्रेकर्स अलग-अलग स्थानों पर फंस गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, गोरखा जिले में भूस्खलन के कारण बुढी गंडकी नदी का प्रवाह बाधित हुआ, जिसके बाद निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई। सोमवार को बचाव अभियान के दौरान 321 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जिनमें 12 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
नेपाल की सेना ने बताया कि नदी का जलस्तर घटने लगा है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी रहेगा। सेना के अनुसार, बचाव अभियान मंगलवार को भी चलाया जाएगा। हालांकि, ताजा बाढ़ की घटना में अब तक किसी की मौत की सूचना नहीं मिली है।
भूस्खलन से नदी का प्रवाह रुका
यह घटना काठमांडू से लगभग 100 किलोमीटर पश्चिम में स्थित गोरखा जिले में हुई। जानकारी के मुताबिक, तड़के हुए भूस्खलन ने बुढी गंडकी नदी के प्रवाह को रोक दिया था। इसके बाद नदी के निचले हिस्सों में पानी फैलने से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई।
बाढ़ के कारण क्षेत्र के कई ट्रेकिंग मार्ग और पुल क्षतिग्रस्त हो गए या बह गए। इससे पहाड़ी इलाकों में मौजूद ट्रेकर्स की आवाजाही प्रभावित हुई और कई लोग अलग-अलग स्थानों पर फंस गए। अधिकारियों के सामने प्रभावित लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर निकालने की चुनौती बनी हुई है।
सोमवार को चलाए गए अभियान में 321 लोगों को बचाया गया। इनमें 12 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इसके बावजूद, विभिन्न स्थानों पर फंसे विदेशी ट्रेकर्स की संख्या 100 से अधिक बताई गई है। सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान जारी रखने की योजना है।
जलस्तर घटा, लेकिन बचाव अभियान जारी
नेपाल की सेना के मुताबिक, बुढी गंडकी नदी का जलस्तर घटना शुरू हो गया है। हालांकि, रास्तों और पुलों को नुकसान पहुंचने के कारण प्रभावित इलाकों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सेना ने स्पष्ट किया है कि बचाव अभियान अगले दिन भी जारी रहेगा, ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
फिलहाल, प्रशासन का ध्यान प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर लाने पर केंद्रित है। ताजा घटना में किसी की मौत की सूचना नहीं मिली है, लेकिन क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के कारण राहत कार्यों में सावधानी बरतने की जरूरत है।
त्रिशूली नदी से जुड़ा है बुढी गंडकी का जल तंत्र
बुढी गंडकी नदी, त्रिशूली नदी की सहायक नदी है। त्रिशूली नदी का क्षेत्र अगस्त में भीषण बाढ़ से प्रभावित हुआ था। उस समय एक अन्य सहायक नदी में ग्लेशियर के ढहने के बाद आई आपदा में 1,457 लोगों की मौत हुई थी, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए गए हैं।
अगस्त की उस आपदा और हालिया बाढ़ के कारण नेपाल के पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की चुनौतियां फिर सामने आई हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के कारण अलग-अलग बताए गए हैं। ताजा मामले में गोरखा जिले में भूस्खलन के कारण नदी का प्रवाह बाधित होने से निचले क्षेत्रों में बाढ़ आई।
नेपाल में ट्रेकिंग के लिए आने वाले विदेशी पर्यटक अक्सर दुर्गम पर्वतीय इलाकों से गुजरते हैं, जहां पुलों और पैदल रास्तों का संपर्क व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान होता है। ऐसे मार्गों के क्षतिग्रस्त होने से यात्रियों की आवाजाही बाधित हो सकती है और बचाव कार्य कठिन हो सकते हैं।
फिलहाल, 100 से अधिक विदेशी ट्रेकर्स के फंसे होने की जानकारी के बीच राहत अभियान जारी है। अधिकारियों और सेना की प्राथमिकता सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना और स्थिति सामान्य होने तक बचाव कार्यों को जारी रखना है।




