
त्रिपुरा सरकार राज्य को निवेश का नया केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। 9 और 10 जुलाई को हापनिया इंटरनेशनल फेयर ग्राउंड में आयोजित होने वाले ‘डेस्टिनेशन त्रिपुरा: बिजनेस कॉन्क्लेव 2026’ से करीब 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने की उम्मीद जताई गई है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन राज्य के आर्थिक विकास और औद्योगिक विस्तार के लिए एक नया अध्याय साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के साथ-साथ कई विदेशी देशों से भी निवेशक, उद्योगपति और व्यापारिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में लगभग 500 प्रतिनिधियों, जिनमें निवेशक, उद्यमी, उद्योग जगत के प्रमुख और सरकारी अधिकारी शामिल हैं, के भाग लेने की संभावना है।
माणिक साहा ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही ऐसे कई क्षेत्रों की पहचान कर ली है, जहां बड़े पैमाने पर निवेश की संभावनाएं मौजूद हैं। कई निवेशकों ने त्रिपुरा में परियोजनाएं स्थापित करने में रुचि दिखाई है और सम्मेलन के दौरान उनके साथ विस्तृत चर्चा कर निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “करीब एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने की उम्मीद है। निवेशक केवल भारत से ही नहीं बल्कि कई विदेशी देशों से भी आ रहे हैं। विभिन्न देशों के प्रतिनिधि सम्मेलन में भाग लेंगे और मैं स्वयं उनसे मुलाकात कर निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करूंगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के बावजूद सरकार सम्मेलन की सफलता को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। उनका मानना है कि यदि प्रस्तावित निवेश साकार होते हैं तो इससे राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, नए उद्योग स्थापित होंगे और त्रिपुरा की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यटन, कृषि, बागवानी, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), बांस, अगरवुड, रबर, चाय तथा अन्य उभरते उद्योग निवेशकों के प्रमुख आकर्षण का केंद्र होंगे। इन क्षेत्रों में दीर्घकालिक और टिकाऊ विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
माणिक साहा ने कहा कि इन निवेशों से न केवल औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है और अनुकूल कारोबारी माहौल तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन को त्रिपुरा का अब तक का सबसे बड़ा निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रम बताते हुए कहा कि डेस्टिनेशन त्रिपुरा: बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 राज्य की निवेश क्षमता को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन त्रिपुरा को पूर्वोत्तर भारत के उभरते निवेश गंतव्य के रूप में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




