
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने मंगलवार को “मिशन: मिलियन ओक ट्रीज़ बाय 2047” की शुरुआत की। राज्यव्यापी इस पारिस्थितिक पुनर्स्थापन कार्यक्रम का उद्देश्य हिमालयी ओक वनों का पुनर्जीवन कर जल सुरक्षा, जैव विविधता और जलवायु लचीलापन को मजबूत करना है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मिशन के तहत पहला ओक का पौधा रोपित किया। उन्होंने ओक फॉरेस्ट रेस्टोरेशन मैनुअल का भी विमोचन किया और नागरिकों की सुविधा के लिए “कनेक्ट टू फॉरेस्ट” टोल-फ्री हेल्पलाइन 1926 की शुरुआत की। इस हेल्पलाइन के माध्यम से लोग वन विभाग से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकेंगे, मानव-वन्यजीव संघर्ष की सूचना दे सकेंगे, खतरनाक पेड़ों की जानकारी साझा कर सकेंगे तथा अन्य वन सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने बुलबुलेय में स्थापित सिक्किम फॉरेस्ट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया। यह संस्थान जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) की सहायता से संचालित सिक्किम बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन एंड फॉरेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है।
मुख्यमंत्री तमांग ने कहा कि सिक्किम में 47.33 प्रतिशत वन क्षेत्र है, जबकि राज्य के लगभग आधे भौगोलिक क्षेत्र का प्रबंधन वन विभाग के अधीन है। उन्होंने बताया कि राज्य का 33.77 प्रतिशत क्षेत्र संरक्षित वन एवं वन्यजीव अभयारण्यों के रूप में अधिसूचित है, जो इसकी समृद्ध जैव विविधता का प्रमाण है।
उन्होंने राज्य की हरित विरासत को सुरक्षित रखने और वन क्षेत्र का विस्तार करने पर जोर देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और रणनीतिक बुनियादी ढांचे के विकास के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मिशन भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।





