
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी मौजूद रहे। उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले पूर्वी सियांग जिले के पासीघाट क्षेत्र का निरीक्षण किया, जिसे राज्य के सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल किया गया है। इसके बाद टीम ने बॉयिंग गांव पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और नुकसान का आकलन किया।
अधिकारियों के अनुसार, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण बॉयिंग गांव में 20 से अधिक घर जलमग्न हो गए हैं। इसके अलावा धान के खेत, खड़ी फसलें और बड़ी संख्या में पशुधन भी प्रभावित हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर राहत एवं पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाएगी। उन्होंने प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता और आवश्यक बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
शिवराज सिंह चौहान ने बॉयिंग गांव के लोगों और स्थानीय स्वयंसेवकों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए अस्थायी सुरक्षा दीवार बनाकर जिस साहस और सामूहिक प्रयास का परिचय दिया, वह प्रेरणादायक है। उन्होंने इसे आपदा के समय सामुदायिक एकजुटता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
अधिकारियों ने बताया कि पासीघाट शहर को भविष्य में नदी के बढ़ते जलस्तर और बार-बार आने वाली बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए स्थायी बांध निर्माण के प्रस्ताव पर राज्य और केंद्र सरकार के बीच गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सर्वेक्षण के बाद केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल लोअर सुबनसिरी जिले के याजाली के लिए रवाना हुआ, जहां बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया गया।
राज्य सरकार के अनुसार, अब तक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 21 अन्य घायल हुए हैं। राज्य के लगभग सभी 28 जिलों में कुल 90,499 लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। सबसे अधिक प्रभावित अपर सियांग जिला है, जहां 47,357 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद सियांग जिले में 23,715, क्रा दादी में 8,171 और ईस्ट कामेंग जिले में 5,895 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों को तेज गति से संचालित कर रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है और क्षति का विस्तृत आकलन किया जा रहा है, ताकि प्रभावित परिवारों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जा सके।




