
देशभर में भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने 4 जून 2026 को केरल तट पर आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी है। मॉनसून के आगमन के साथ ही केरल के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है और मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक मॉनसून अब धीरे-धीरे देश के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ेगा। इसके साथ ही उत्तर भारत के राज्यों, खासकर दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में रहने वाले लोगों की निगाहें मॉनसून की पहली बारिश पर टिकी हुई हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि केरल से आगे बढ़ते हुए मॉनसून को उत्तर भारत तक पहुंचने में लगभग दो से तीन सप्ताह का समय लग सकता है।
IMD के संभावित अनुमान के अनुसार बिहार में मॉनसून 12 से 15 जून के बीच दस्तक दे सकता है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मॉनसून 15 जून से 22 जून के बीच पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसके बाद धीरे-धीरे पूरे राज्य में इसका प्रभाव बढ़ेगा और जून के अंतिम सप्ताह तक अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
दिल्ली-एनसीआर के लिए भी मौसम विभाग ने राहत भरा पूर्वानुमान जारी किया है। राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में मॉनसून की आधिकारिक एंट्री 27 जून से 30 जून के बीच होने की संभावना है। हालांकि इससे पहले भी प्री-मानसून गतिविधियों के कारण हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं।
इस बीच IMD के क्षेत्रीय केंद्र ने दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है, साथ ही हल्की से मध्यम बारिश की संभावना भी बनी हुई है। इससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष मॉनसून की प्रगति कृषि, जल भंडारण और पेयजल उपलब्धता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहेगी। फिलहाल पूरे देश की नजर मॉनसून की आगे की रफ्तार और आगामी बारिश के दौर पर बनी हुई है।
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