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हंगामे का सुखद अंत: आईजीएमसी शिमला में डॉक्टर और मरीज ने गले लगकर खत्म किया विवाद

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December 31, 2025
RajneetiGuru.com - हंगामे का सुखद अंत आईजीएमसी शिमला में डॉक्टर और मरीज ने गले लगकर खत्म किया विवाद - I,age Credited by The Daily Jagran

हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल, इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में पिछले एक हफ्ते से चल रहा तनावपूर्ण गतिरोध मंगलवार को खत्म हो गया। 22 दिसंबर 2025 को हुई मारपीट की घटना के बाद, डॉक्टर राघव नरूला और मरीज अर्जुन सिंह ने आपसी सहमति से एक-दूसरे से माफी मांगी और गले लगकर विवाद को हमेशा के लिए पीछे छोड़ दिया।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान की मौजूदगी में हुए इस समझौते ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर मंडरा रहे अनिश्चितता के बादलों को हटा दिया है। समझौते के तहत डॉक्टर के खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) वापस ली जाएगी और सरकार उनकी बर्खास्तगी के आदेश पर पुनर्विचार करेगी।

विवाद की पृष्ठभूमि: ‘तू’ और ‘तुम’ की जंग

यह पूरा मामला 22 दिसंबर को तब शुरू हुआ जब कुपवी निवासी अर्जुन सिंह अपनी ब्रोंकोस्कोपी के बाद पल्मोनरी वार्ड में आराम कर रहे थे। अर्जुन का आरोप था कि डॉक्टर ने उन्हें ‘तुम’ के बजाय ‘तू’ कहकर संबोधित किया, जिसका विरोध करने पर डॉक्टर उग्र हो गए। दूसरी ओर, डॉक्टर नरूला का दावा था कि मरीज ने पहले उनके परिवार के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग किया था।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में दोनों को एक-दूसरे पर हाथ उठाते देखा गया था। इस घटना के बाद सरकार द्वारा गठित जांच कमेटी ने दोनों पक्षों को दोषी पाया और डॉक्टर को “दुर्व्यवहार” के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

हड़ताल और सरकार का हस्तक्षेप

डॉक्टर की बर्खास्तगी के विरोध में आईजीएमसी के रेजिडेंट डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया, जिससे दूर-दराज से आए सैकड़ों मरीजों को भारी असुविधा हुई। मामला तब सुलझा जब मुख्यमंत्री सुक्खू ने हस्तक्षेप किया और डॉक्टरों को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक नई कमेटी गठित की जाएगी।

मानवीय पहलू: शादी का निमंत्रण और सुलह

मंगलवार को सचिवालय में हुई बैठक के दौरान न केवल कड़वाहट खत्म हुई, बल्कि डॉक्टर नरूला ने अर्जुन सिंह को अपनी फरवरी में होने वाली शादी का न्यौता भी दिया।

“दोनों पक्षों से गलती हुई थी, लेकिन अब समझौता हो गया है। हमने एक-दूसरे को गले लगाया और सॉरी कहा। अब सब कुछ ठीक है,” डॉ. राघव नरूला ने पत्रकारों से कहा।

मरीज अर्जुन सिंह ने भी पुष्टि की कि मामला अब बंद है और वे आगे कोई शिकायत नहीं रखना चाहते। नरेश चौहान ने कहा कि सरकार चाहती थी कि जनहित में यह मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ जाए।

निष्कर्ष

आईजीएमसी का यह मामला अस्पताल में डॉक्टर और मरीज के बीच आपसी संवाद के महत्व को रेखांकित करता है। हालांकि यह विवाद सुलझ गया है, लेकिन राज्य सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए डॉक्टरों के लिए ‘व्यवहार प्रशिक्षण कार्यक्रम’ (Behavioral Training) शुरू करने का प्रस्ताव दिया है।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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